कोलकाताः तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी 30 मई से पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने जाएंगे। उनका यह दौरा ऐसे समय तय हुआ है जब राज्य में राजनीतिक तनाव और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। टीएमसी का कहना है कि चुनाव के बाद हिंसा की घटनाएं अभी भी कई इलाकों में लोगों को प्रभावित कर रही हैं।
टीएमसी के गंभीर आरोप
टीएमसी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हिंसा की घटनाएं लगातार जारी हैं। पार्टी के अनुसार 16 मई को सुंदरबन ओडी क्षेत्र में कुछ भाजपा समर्थित असामाजिक तत्वों ने जिला पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की।
टीएमसी का दावा है कि इस दौरान सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए और हार्ड डिस्क को नुकसान पहुंचाया गया, ताकि घटनाओं से जुड़े सबूत मिटाए जा सकें।
इसके साथ ही पार्टी ने यह भी कहा कि कई विधायकों को पुलिस में शिकायत करने से रोका जा रहा है और उन्हें धमकियां दी जा रही हैं कि उनके घरों पर हमला किया जाएगा।
आदिवासी प्रतिमाओं पर विवाद
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर दावा किया कि दक्षिण दिनाजपुर के बंशीहारी इलाके में स्वतंत्रता संग्राम के नायक सिद्धू और कान्हू मुर्मू की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाया गया है।
उन्होंने इस घटना को बेहद “शर्मनाक और उकसाने वाली” बताया। उनका कहना है कि यह आदिवासी समुदाय के इतिहास, पहचान और सम्मान पर सीधा हमला है। उन्होंने यह भी कहा कि जो राजनीतिक दल आदिवासी हितों की बात करते हैं, वे ऐसी घटनाओं पर चुप्पी साध लेते हैं।
पुलिस कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था
इस बीच, कोलकाता पुलिस आयुक्त (डीजीपी) सिद्ध नाथ गुप्ता ने जानकारी दी कि हालात पर नियंत्रण पाने के लिए अब तक लगभग 300 गिरफ्तारियां की गई हैं। इनमें 133 लोग विशेष मामलों में पकड़े गए हैं, जबकि 1100 से अधिक लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है।
डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ गैर-जरूरी सुरक्षा हटाई गई है और उन्हें कानून-व्यवस्था ड्यूटी में लगाया गया है। हालांकि, जेड प्लस सुरक्षा व्यवस्था (येलो बुक प्रोटोकॉल के अनुसार) पूरी तरह जारी है।