नई दिल्ली/भोपालः पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने गुरुवार को उसकी सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के अगले ही दिन जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई की।
सीबीआई की टीम भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित घर पहुंची और कई घंटों तक पूछताछ की। इसके बाद गिरिबाला सिंह को हिरासत में ले लिया गया। मामले में त्विशा के पति और पेशे से वकील समर्थ सिंह पहले से सीबीआई की कस्टडी में हैं। अब जांच एजेंसी दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ कर सकती है।
हाईकोर्ट से राहत खत्म, जांच ने पकड़ी रफ्तार
गिरिबाला सिंह को 15 मई को निचली अदालत से अग्रिम जमानत मिली थी, लेकिन मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 27 मई को यह राहत समाप्त कर दी। न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा ने अपने आदेश में कहा कि मामले की गंभीरता और उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए अग्रिम जमानत जारी रखना उचित नहीं माना जा सकता।
इसके बाद सीबीआई ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी। एजेंसी अब अदालत से रिमांड मांग सकती है ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई कर रही जांच
मामले ने तूल पकड़ने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। इसके बाद 25 मई को केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। जांच एजेंसी ने नया एफआईआर दर्ज कर दहेज हत्या, प्रताड़ना और साजिश समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया है।
सीबीआई अब फॉरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल चैट, मेडिकल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
12 मई को घर में मृत मिली थीं त्विशा
त्विशा शर्मा 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटकी मिली थी। उसका पति समर्थ सिंह उसे एम्स भोपाल लेकर पहुंचा था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी बताई गई, लेकिन शरीर पर कई चोटों के निशान भी मिले। रिपोर्ट के अनुसार सिर समेत शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर चोटें थीं, जो किसी भारी या कठोर वस्तु से लगने की आशंका जताती हैं। बताया गया है कि त्विशा गर्भवती भी थीं।
परिवार ने लगाए दहेज और प्रताड़ना के आरोप
त्विशा के परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही उन्हें दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था। परिवार के अनुसार दिसंबर 2025 में हुई शादी के समय विदाई के दौरान दो लाख रुपये की मांग की गई थी, जिसे पूरा भी किया गया।
परिजनों ने मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि त्विशा को उसकी निजी जिंदगी और गर्भावस्था को लेकर लगातार ताने दिए जाते थे। त्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने भी मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
सास ने आरोपों को नकारा था
मामले के सामने आने के बाद गिरिबाला सिंह ने कई मीडिया इंटरव्यू में त्विशा की मानसिक स्थिति और इलाज को लेकर सवाल उठाए थे। हालांकि परिवार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है।
फिलहाल सीबीआई मामले की हर कड़ी की जांच कर रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि पूछताछ और तकनीकी सबूतों के आधार पर आने वाले दिनों में कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
यह मामला एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और दहेज प्रताड़ना जैसे मुद्दों को चर्चा में ले आया है। हालांकि जांच अभी जारी है और अदालत के अंतिम फैसले तक किसी को दोषी मानना उचित नहीं होगा।