बेंगलुरुः कर्नाटक की राजनीति में एक अहम बदलाव सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कांग्रेस हाईकमान के निर्देश के बाद पद छोड़ने का फैसला लिया है। कर्नाटक में बड़े राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पद छोड़ने की तैयारी के बीच गुरुवार को वे उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के साथ बेंगलुरु स्थित लोक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने अपना इस्तीफा सौंपने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की।
इस्तीफा देने के बाद दोनों नेता ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। इसमें इस राजनीतिक बदलाव और आगे की प्रक्रिया को लेकर जानकारी साझा की।
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री और डी.के. शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। दोनों नेताओं के बीच कथित सत्ता-साझेदारी समझौते के तहत अब नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
करीब 77 वर्षीय सिद्धारमैया लगभग ढाई वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। यह बदलाव 2028 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक संतुलन और रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व इस बदलाव को एकता और नई ऊर्जा के संकेत के रूप में देख रहा है।
‘कावेरी’ बैठक और इस्तीफे का फैसला
गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘कावेरी’ पर महत्वपूर्ण नाश्ते की बैठक हुई, जिसमें सिद्धारमैया, डी.के. शिवकुमार और कई वरिष्ठ मंत्री शामिल रहे। इसी बैठक में सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि वे दोपहर 3 बजे इस्तीफा देंगे और डी.के. शिवकुमार को नया मुख्यमंत्री बनाने पर सहमति जताई गई।
इसके बाद दोनों नेता बेंगलुरु स्थित लोक भवन पहुंचे, जहां इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई। उस समय राज्यपाल थावरचंद गहलोत शहर में मौजूद नहीं थे, इसलिए राज्यपाल के सचिव को इस्तीफा सौंपा गया। बैठक के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
भावनात्मक क्षण और राजनीतिक हलचल
बैठक के दौरान कई भावुक दृश्य भी सामने आए। डी.के. शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छुए और दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाकर राजनीतिक शिष्टाचार और सौहार्द का संदेश दिया। मंत्री एच.के. पाटिल ने मीडिया को बताया कि यह पूरा परिवर्तन सहमति से हो रहा है।
इधर, डी.के. शिवकुमार के समर्थकों ने उनके आवास के बाहर मिठाइयां बांटकर खुशी जताई। वहीं कलबुर्गी में भारतीय युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विशेष पूजा कर प्रार्थना की और प्रियांक खरगे को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग भी उठाई।
आगे की प्रक्रिया और नई सरकार की संभावना
सूत्रों के राजनीतिक अनुसार, इस्तीफे के बाद सिद्धारमैया दिल्ली जा सकते हैं, जहां उपमुख्यमंत्री पद और अन्य समीकरणों पर अंतिम चर्चा संभव है। वे विधायक बने रहेंगे और राज्यसभा जाने से इनकार कर चुके हैं।
डी.के. शिवकुमार के जल्द ही मुख्यमंत्री पद संभालने की संभावना है और नई सरकार का गठन 30 मई के आसपास हो सकता है। यह बदलाव कांग्रेस के भीतर एकता मजबूत करने और 2028 चुनावों की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक हलचल के बीच पार्टी में फिलहाल सकारात्मक माहौल बना हुआ है।