नयी दिल्लीः तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय का पहला आधिकारिक दिल्ली दौरा राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बना रहा। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ उनकी संभावित मुलाकात को लेकर अटकलें तेज थीं, लेकिन गुरुवार को यह बैठक टल गई। हालांकि दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया था, फिर भी 10 जनपथ के बाहर लगाए गए पोस्टरों ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी।
पोस्टरों में राहुल गांधी और मुख्यमंत्री विजय की तस्वीरों के साथ लिखा गया था — “59 साल बाद तमिलनाडु में कांग्रेस की वापसी, धन्यवाद थलैवा।” इन पोस्टरों ने तमिलनाडु की राजनीति में संभावित नए समीकरणों की अटकलों को जन्म दे दिया। मुख्यमंत्री बनने के बाद राष्ट्रीय राजधानी का यह उनका पहला आधिकारिक दौरा माना जा रहा है, इसलिए इस यात्रा पर राजनीतिक नजरें टिकी रहीं।
पीएम मोदी से मुलाकात में उठाए कई अहम मुद्दे
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रधानमंत्री कार्यालय में मुलाकात की। इस बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड्स से अनैमंगलम ताम्रपत्रों को वापस भारत लाने में तमिलनाडु सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। इसे तमिल सांस्कृतिक विरासत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
‘तमिल थाई वाझ्थु’ पर केंद्र से मांगी स्पष्ट नीति
मुख्यमंत्री विजय ने बैठक में ‘तमिल थाई वाझ्थु’ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में परंपरागत रूप से सभी सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत राज्य स्तुति गीत ‘तमिल थाई वाझ्थु’ से होती रही है। लेकिन गृह मंत्रालय द्वारा जनवरी में जारी एक परिपत्र के बाद कुछ कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत पहले गाया जाने लगा है।
मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि केंद्र सरकार इस मामले में स्पष्ट निर्देश जारी करे ताकि राज्य की पुरानी परंपरा पहले की तरह जारी रह सके।
तमिलनाडु में रक्षा परियोजनाएं स्थापित करने की मांग
मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री के सामने रक्षा क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। उन्होंने कहा कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ पिछले कुछ वर्षों से एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) डिजाइन एवं डेवलपमेंट सेंटर और सेंटर फॉर एयरबोर्न सिस्टम्स (सीएबीएस) को तमिलनाडु में स्थापित करने को लेकर बातचीत चल रही है।
उन्होंने केंद्र से इन परियोजनाओं को राज्य में स्थापित करने के लिए सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।
मेकेदातु बांध परियोजना पर जताई कड़ी आपत्ति
कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना का मुद्दा भी बैठक में उठा। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री द्वारा इस परियोजना के भूमि पूजन की घोषणा कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण के अंतिम फैसले और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ है।
उन्होंने इस परियोजना को तमिलनाडु के हितों के विपरीत बताते हुए केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
पोस्टरों ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चाएं
राहुल गांधी और मुख्यमंत्री विजय की मुलाकात भले ही नहीं हो सकी, लेकिन 10 जनपथ के बाहर लगे पोस्टरों ने कई राजनीतिक संकेत दे दिए हैं। तमिलनाडु की राजनीति में भविष्य के गठबंधन और कांग्रेस की संभावित रणनीति को लेकर अब चर्चाएं तेज हो गई हैं।