🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

होर्मुज हमले पर बढ़ा तनाव, दक्षिण कोरिया ने तकनीकी जांच रिपोर्ट में कहा-'ईरानी मिसाइल से हुआ कंटेनर जहाज पर हमला'

तनाव के कारण ईंधन आपूर्ति और वैश्विक समुद्री व्यापार पर खतरा गहराया

By डॉ. अभिज्ञात

May 27, 2026 18:56 IST

सियोलः दक्षिण कोरिया की सरकार ने दावा किया है कि इस महीने की शुरुआत में होर्मुज जलडमरूमध्य में दक्षिण कोरियाई शिपिंग कंपनी एचएमएम द्वारा संचालित कंटेनर जहाज 'एचएमएम नामू' पर हुए हमले में संभवतः ईरानी एंटी-शिप मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था। मामले की जांच के बाद सियोल ने इस घटना पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराने के लिए देश में तैनात ईरानी राजदूत को तलब करने का फैसला किया है।

दक्षिण कोरिया की समाचार एजेंसी योनहाप के अनुसार देश के प्रथम उप विदेश मंत्री पार्क यून-जू ने बताया कि सरकार तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इस निष्कर्ष पर पहुंची है। जांच के दौरान वारहेड की संरचना, विस्फोट के बाद निकले गैस अवशेषों के रंग और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों की विस्तृत पड़ताल की गई। अधिकारियों का मानना है कि बरामद हिस्सों और तकनीकी संकेतों से हथियार की उत्पत्ति ईरान से जुड़ी होने की संभावना मजबूत हुई है।

पार्क यून-जू के मुताबिक 4 मई को एचएमएम नामू पर दो अज्ञात विमानों से हमला किया गया था। उन्होंने बताया कि पहला वारहेड जहाज पर गिरने के बाद जलकर नष्ट हो गया, जबकि दूसरा विस्फोटित हुआ। शुरुआती हमले से इंजन रूम में आग लग गई थी और बाद के विस्फोट के बाद आग तेजी से पूरे जहाज में फैल गई। जांच में मिले मलबे को लेकर दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने कहा कि मिसाइल के प्रणोदन तंत्र की बनावट ईरानी टर्बोजेट इंजन से काफी मिलती-जुलती है। इसके अलावा कुछ हिस्सों पर ऐसे निशान भी पाए गए हैं, जिन्हें ईरानी निर्माता से जुड़ा माना जा रहा है।

हमले के समय जहाज पर 24 चालक दल के सदस्य मौजूद थे। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के अनुसार जहाज को भारी संरचनात्मक नुकसान पहुंचा। पोर्ट साइड स्टर्न क्षेत्र में लगभग पांच मीटर चौड़ा और करीब सात मीटर अंदर तक फैला क्षतिग्रस्त हिस्सा पाया गया।

घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि तेहरान ने जहाज पर हमला किया था। हालांकि ईरान ने इस आरोप से इनकार करते हुए किसी भी तरह की संलिप्तता को खारिज कर दिया है।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से ही गंभीर तनाव का केंद्र बना हुआ है। अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान के खिलाफ शुरू हुई सैन्य कार्रवाइयों के बाद 28 फरवरी से यह अहम समुद्री मार्ग लगभग बाधित स्थिति में है। इससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटनाक्रम ने दक्षिण कोरिया की आर्थिक संवेदनशीलता को भी उजागर कर दिया है। एशिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था माने जाने वाले दक्षिण कोरिया की ऊर्जा जरूरतें काफी हद तक मध्य पूर्व से आने वाले ईंधन आयात पर निर्भर हैं और इन आपूर्तियों का बड़ा हिस्सा पहले होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता रहा है।

Articles you may like: