एक के बाद एक कई तेज धमाकों से दहल उठा ईरान का बंदरगाह अब्बास। सोमवार (25 मई) की रात को हुए इन विस्फोटों से इलाके में सनसनी फैल गयी है। सिर्फ अब्बास बंदरगाह ही नहीं बल्कि ओमान उपसागर के पास सीरीक और जस्क शहरों में भी कई धमाकों की आवाज सुनाई दी है।
हालांकि ये धमाके क्यों हुए अथवा क्या किसी ने हमला किया है इस संबंध में ईरान ने कोई बयान जारी नहीं किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इन धमाकों में हताहतों की संख्या का भी कुछ पता नहीं चल सका है।
बता दें, ईरान के दक्षिण में मौजूद शहर अब्बास होर्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के काफी करीब स्थित है। यहां कच्चे तेल का भंडार मौजूद है। सिर्फ इतना ही नहीं, इस शहर में इस्लामिक रेवेल्यूशन गार्ड कॉर्प्स का महत्वपूर्ण ठिकाना भी है।
ईरान सरकार के करीबी 'फार्स न्यूज एजेंसी' के हवाले से बताया गया कि अचानक विस्फोट की तेज आवाज से पूरा शहर दहल उठ। इसके कुछ देर बाद ही उपसागर के पास सीरीक और जस्क शहर में भी धमाकों की खबरें आयी है।
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गौरतलब है कि एक तरफ कतर में अमेरिका के साथ ईरान शांति समझौता कर रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह समझौता अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे समय में इन धमाकों ने लोगों के मन में एक बार फिर युद्ध को लेकर खौफ पैदा कर दिया है।
बताया जाता है कि अचानक इन धमाकों की आवाज सुनकर लोगों में अफरा-तफरी मच गयी। हालांकि अभी तक धमाकों के कारण अथवा प्रकृति का पता नहीं चल सका है। इससे पहले फरवरी 2026 में अब्बास बंदरगाह पर ही गैस लीक होने की वजह से हुए तेज विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी।
इसके अलावा करीब 14 लोग घायल हो गए थे। इस बार भी ऐसा कुछ हुआ है अथवा नहीं यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। न ही इस बात का पता चल सका है कि पश्चिम एशियाई युद्ध की वजह से ही अब्बास बंदरगाह पर हमला किया गया है अथवा नहीं।
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CNN की मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार (25 मई) की सुबह से ही कतर की राजधानी दोहा में ईरान के साथ शांति समझौता चल रहा है। 'फार्स न्यूज एजेंसी' के हवाले से दावा किया जा रहा है कि फारस की खाड़ी में ड्रोन से हमला भी किया गया है। हालांकि यह भी दावा किया गया है कि सभी ड्रोन को ईरानी सेना ने मार गिराया है। ऐसी परिस्थिति में यह शांति समझौता होगा अथवा नहीं, इस बात को लेकर ही चिंता जतायी जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा था तेहरान किसी भी प्रकार से परमाणु अस्त्र न तैयार करें, इसे सुनिश्चित करना ही असली उद्देश्य है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहु ने भी यहीं कहा था। साथ ही उन्होंने चेताया भी था कि अगर इजरायल पर हमला होता है तो पलटवार जरूर किया जाएगा।