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CBSE परीक्षा मूल्यांकन विवाद: राहुल गांधी का केंद्र पर हमला, मोदी-शाह पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

राहुल गांधी बोले-संस्थागत निष्पक्षता पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल

By श्वेता सिंह

May 25, 2026 22:40 IST

नई दिल्लीः नई दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांंधी (Rahul Gandhi) ने सोमवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार छात्रों की शिकायतों को नजरअंदाज कर रही है और सीबीएसई (CBSE) परीक्षा मूल्यांकन में हुई कथित गलतियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।

‘संस्थाएं बन गईं रिगिंग का प्रतीक’-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि मोदी-शाह की जोड़ी ने संस्थाओं को “रिगिंग का प्रतीक” बना दिया है।

उन्होंने दावा किया कि पहली बार इतने बड़े पैमाने पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

छात्रों की शिकायतें और विवाद

राहुल गांधी के अनुसार करीब 18.5 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी और कई जगह OSM, गलत मार्किंग और मूल्यांकन संबंधी तकनीकी समस्याओं की शिकायतें सामने आई हैं।

उन्होंने एक 17 वर्षीय छात्र का उदाहरण देते हुए कहा कि जब उसने अपनी उत्तर पुस्तिका में सुधार की मांग की, तो उसे सोशल मीडिया पर “देशविरोधी” तक कहा गया और “सोरस एजेंट” जैसे आरोप लगाए गए।

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पास प्रतिशत और CBSE की तकनीकी प्रक्रिया

आंकड़ों के अनुसार CBSE का पास प्रतिशत 2023 में 87.33%, 2024 में 87.98% और 2025 में 88.39% रहा। लेकिन 2026 में यह घटकर 85.20% हो गया, जो उसी वर्ष नए OSM सिस्टम लागू होने के साथ आया।

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CBSE का स्पष्टीकरण और आवश्यक कार्रवाई

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बताया कि 21 और 22 मई को स्कैन कॉपी आवेदन के दौरान तकनीकी गड़बड़ी के कारण कुछ छात्रों से गलत शुल्क कट गया था, जिसे वापस किया जाएगा।

इसके साथ ही छात्रों के लिए स्कैन कॉपी आवेदन की अंतिम तिथि 24 मई से बढ़ाकर 25 मई 2026 की मध्यरात्रि तक कर दी गई है।

यह मामला अब राजनीतिक बयानबाजी और शिक्षा व्यवस्था की तकनीकी खामियों दोनों के बीच फंसा हुआ है, जहां एक ओर विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है, वहीं CBSE सुधारात्मक कदमों का दावा कर रहा है।

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