जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में गुलमर्ग का लोकप्रिय गोंडोला रोपवे तकनीकी खराबी के कारण करीब 1 घंटे तक बीच रास्ते में रुका रहा। इस दौरान पर्यटक भी रोपवे में फंसे रहे जिससे उनमें काफी डर बैठ गया। घटना के तुरंत बाद राहत व बचाव कार्य चलाया गया और सभी पर्यटकों को सुरक्षित रोपवे से उतार लिया गया।
घटना सोमवार (25 मई) की दोपहर की बतायी जाती है। गोंडोला रोपवे में आयी तकनीकी खराबी की वजह से लगभग 300 पर्यटक विभिन्न जगहों पर फंस गए।
रोपवे में अचानक क्यों तकनीकी खराबी आयी इसकी जांच की जा रही है। वहीं जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सभी गोंडोला केबिन सुरक्षित हैं और फंसे हुए पर्यटकों को भी निकालने का काम जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 मई की दोपहर को अचानक तकनीकी खराबी आने की वजह से गुलमर्ग का गोंडोला केबिल कार रुक गया। उस समय केबिल कार में करीब 300 पर्यटक मौजूद थे। बीच रास्ते में रुक जाने की वजह से पर्यटकों की सांसे भी अटक सी गयी थी। बताया जाता है कि करीब 1 घंटे से अधिक समय तक पर्यटक केबिल कार में फंसे रहे।
रस्सी और सीढ़ी के सहारे पर्यटकों को केबल कार से नीचे उतारा गया Image - ANI
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तकनीकी खराबी के कारण जमीन से काफी ऊंचाई पर केबिल के सहारे चलने वाली ये रोपवे बीच रास्ते में ही जहां-तहां रुक गयी। इस वजह से उन रोपवे केबिन में बैठे यात्री काफी डर गए थे।
कुछ पर्यटक तो डर के मारे रोने तक लगे थे और किसी भी प्रकार से उन्हें वहां से बाहर निकालने की मिन्नतें करने लगे। बता दें, इस गड़बड़ी की वजह से गुलमर्ग बेस से कोंडोरी और दूसरे चरण में अफरवत चोटी की तरफ जाने वाले गोडोंला राईड को बंद कर देना पड़ा।
अधिकारियों ने अभी तक तकनीकी गड़बड़ी का वास्तविक कारण नहीं बताया है लेकिन संभावना जतायी जा रही है कि ओवरलोडिंग की वजह से अचानक यह गड़बड़ी हो सकती है। समस्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए टेक्निकल टीम के सदस्यों के साथ ही इंजीनियर को भी नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि वह खुद मामले पर अपनी नजरें बनाएं हुए हैं। सेना के जवानों, SDRF, NDRF और स्थानीय पुलिस की मदद से गोंडोला रोपवे में फंसे पर्यटकों को बचाने का काम किया गया। सभी यात्रियों को रस्सी की मदद से सफलतापूर्वक और सुरक्षित उतार लिया गया है।