नई दिल्ली : भारतीय रेल के लगभग 40 हजार करोड़ रुपये के बड़े टेंडर की संभावना के चलते सोमवार को रेल से जुड़े विभिन्न कार्यों में लगी कंपनियों के शेयरों में तेज़ी देखी गई। टिटागढ़ रेल सिस्टम्स, जुपिटर वैगन्स और टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग के शेयरों में सोमवार के ट्रेडिंग सत्र में बड़ी बढ़त दर्ज की गई। इसी दिन सेंसेक्स और निफ्टी 50 भी तेजी के साथ बढ़े।
सोमवार के ट्रेडिंग सत्र में जुपिटर वैगन्स का शेयर भाव 10 प्रतिशत बढ़कर 304 रुपये तक पहुँच गया। टिटागढ़ रेल सिस्टम्स का शेयर 9 प्रतिशत बढ़कर 827.50 रुपये पर पहुँच गया। टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग का शेयर भी 6 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 115 रुपये तक पहुँच गया।
एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगले तीन से चार वर्षों में लगभग 1 लाख मालवाहक वैगन खरीदने की योजना भारतीय रेल की है। इस टेंडर का संभावित मूल्य लगभग 40 हजार करोड़ रुपये बताया गया है। “मिंट” की रिपोर्ट में दो सूत्रों का हवाला देते हुए कहा गया है कि यह टेंडर 2022 के पहले के वैगन खरीद कार्यक्रम से भी बड़ा हो सकता है। उसी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रेलवे प्रति वर्ष 35 हजार से 40 हजार वैगन खरीद सकता है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही, यानी जुलाई से सितंबर के बीच पहली खेप के ऑर्डर दिए जाने की संभावना है।
उसी रिपोर्ट में टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुदीप्त मुखोपाध्याय ने कहा, “पुराने टेंडर के ऑर्डर अब पूर्ण होने की दिशा में हैं। यदि नए दीर्घकालिक ऑर्डर आते है तो देशी वैगन उद्योग पूर्ण क्षमता पर उत्पादन कर सकेगा और उत्पादन चक्र भी सक्रिय रहेगा।”
उन्होंने यह भी बताया कि पिछले रेल टेंडर में वार्षिक रूप से खरीदे गए कुल वैगनों का लगभग एक-तिहाई, यानी करीब 11 हजार वैगन की आपूर्ति कोलकाता स्थित टेक्समैको ने की थी। वर्तमान में कंपनी की वार्षिक उत्पादन क्षमता 15 हजार से अधिक वैगन बनाने की है।
मिंट की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि टेंडर जारी करने से पहले भारतीय रेल विभिन्न निर्माता कंपनियों की उत्पादन क्षमता का आकलन कर रही है। इस टेंडर को चरणबद्ध तरीके से जारी किया जा सकता है।
पिछले महीने ब्रोकरेज कंपनी जेफरीज ने टिटागढ़ रेल सिस्टम्स के स्टॉक पर “बाय” रेटिंग दी थी और लक्ष्य मूल्य 810 रुपये तय किया था। यह स्तर पहले ही पार हो चुका है। इसी रिपोर्ट में जुपिटर वैगन्स पर “अंडरपरफॉर्म” रेटिंग दी गई थी और लक्ष्य मूल्य 200 रुपये रखा गया था। यानी 277 रुपये के स्तर से लगभग 28 प्रतिशत गिरावट की संभावना जताई गई थी। टिटागढ़ रेल के संबंध में जेफरीज ने कहा था कि यात्री रेल और मेट्रो कोच निर्माण की योजनाओं के कारण कंपनी को बड़ा लाभ मिल सकता है।