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पेट्रोल-डीजल कीमत बढ़ने और क्रूड ऑयल सस्ता होने से चमके ऑयल कंपनियों के शेयर

पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से सरकारी तेल कंपनियों को राहत

नई दिल्ली : देश की तीन प्रमुख सरकारी तेल रिफाइनरी और मार्केटिंग कंपनियों— हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड,इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड,भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के शेयरों में सोमवार के कारोबारी सत्र में जोरदार तेजी दर्ज की गई। इसके साथ ही ऑयल एंड गैस सेक्टर की कई अन्य कंपनियों के शेयरों में भी उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस तेजी के पीछे दो प्रमुख कारण रहे हैं।

सोमवार के ट्रेडिंग सत्र में इंडियन ऑयल के शेयर लगभग 4 प्रतिशत बढ़कर 145 रुपये तक पहुंच गए। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के शेयरों में 6 प्रतिशत की तेजी आई और इसका भाव 412.55 रुपये पर पहुंच गया। वहीं भारत पेट्रोलियम के शेयर करीब 4.5 प्रतिशत बढ़कर 309 रुपये हो गए। इसके अलावा GAIL के शेयरों में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि Petronet LNG के शेयर भी साढ़े तीन प्रतिशत से अधिक चढ़ गए।

विशेषज्ञों के विश्लेषण में इस उछाल के पीछे दो अहम वजहें सामने आई हैं। पहली वजह भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर से बढ़ोतरी होना है। सोमवार को पेट्रोल की कीमत में प्रति लीटर 2.61 रुपये और डीजल की कीमत में प्रति लीटर 2.71 रुपये की वृद्धि की गई। पिछले दो सप्ताह में यह चौथी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं।

दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर हालिया घटनाक्रम के बाद बाजार में उम्मीद बढ़ी है। इसके चलते होरमुज जलडमरूमध्य के खुले रहने की संभावना मजबूत हुई है, जिसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 5 प्रतिशत घटकर 98 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स की कीमत लगभग 6 प्रतिशत गिरकर 91.30 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था। साल की शुरुआत की तुलना में क्रूड ऑयल की कीमत लगभग दोगुनी हो गई थी। इसके कारण देश की अधिकांश तेल कंपनियों की उत्पादन लागत में बड़ा इजाफा हुआ था। हालांकि घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लंबे समय तक बढ़ोतरी नहीं की गई। इससे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों को पिछले कई महीनों से भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था।

विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया मूल्य वृद्धि से इन कंपनियों के घाटे में कुछ कमी आ सकती है। साथ ही कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट आने से उत्पादन लागत भी कम होगी। इन्हीं दो कारणों को शेयर बाजार में आई इस तेजी की मुख्य वजह माना जा रहा है।

शेयर बाजार और किसी भी प्रकार के निवेश में जोखिम बना रहता है। निवेश से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करना और विशेषज्ञों की सलाह लेना आवश्यक माना जाता है। यह समाचार केवल जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।

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