मथुराः गांव के प्रधान की तेरहवीं का कार्यक्रम 20 मई को आयोजित किया गया था। इसमें बड़ी मात्रा में भोजन तैयार किया गया था। 21 मई को ग्रामीणों ने प्रसाद ग्रहण किया, लेकिन काफी भोजन बच गया था।
आरोप है कि 22 मई को प्रधान के पुत्र ने बचा हुआ मालपुआ और अन्य खाद्य सामग्री पास की अस्थाई गौशाला में गायों को खिला दी। शनिवार सुबह अचानक एक गाय की मौत होने के बाद यह मामला सामने आया।
धीरे-धीरे अन्य गायों की हालत बिगड़ने लगी और कुछ ही घंटों में मृत गोवंश की संख्या बढ़कर 12 तक पहुंच गई। कई गायें तड़पती हुई मिलीं, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए पशु चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया। बीमार गोवंश को ड्रिप चढ़ाई गई और उनका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय गौरक्षक मौके पर पहुंच गए। बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचना पड़ा।
उप जिलाधिकारी सदर आदेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और लोगों को शांत कराया। एसडीएम ने बताया कि मृत गोवंश का पोस्टमार्टम कराया गया है और सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
इस मामले में वीडियो साक्ष्यों के आधार पर थाने में तहरीर दी गई है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।