नई दिल्लीः देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार चौथी बार बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार, 25 मई 2026 को पेट्रोल 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया। नई दरें तुरंत लागू कर दी गईं। बीते करीब दो सप्ताह में ईंधन की कीमतों में कुल 7 से 7.50 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हो चुका है।
पश्चिम एशिया संकट का असर
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान-इजरायल विवाद और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है, इसलिए वैश्विक कीमतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ रहा है।
कब-कब बढ़े दाम?
15 मई को पेट्रोल-डीजल के दाम में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि सीएनजी भी 2 रुपये महंगी हुई थी। इसके बाद 19 मई को लगभग 90 पैसे की वृद्धि हुई। 23 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 से 97 पैसे तक महंगा किया गया। अब 25 मई की नई बढ़ोतरी ने लोगों का बजट और बिगाड़ दिया है।
महानगरों में नई कीमतें
नई दरों के बाद दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
कोलकाता में पेट्रोल सबसे महंगा हो गया है। यहां पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुका है। चेन्नई में पेट्रोल 107.77 रुपये और डीजल 95.55 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। राज्य सरकारों के टैक्स और वैट के कारण अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर देखा जा रहा है।
महंगाई बढ़ने का खतरा
ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ने की आशंका है। इसका असर बस, टैक्सी और ऑटो किराए पर पड़ सकता है। साथ ही सब्जियां, फल, दूध, किराना और अन्य जरूरी सामानों की ढुलाई महंगी होने से रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सबसे ज्यादा असर मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों पर पड़ेगा।
दूसरी चीजें भी हो सकती हैं महंगी
बाजार जानकारों के मुताबिक पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर रसोई गैस, खाद्य तेल, उर्वरक, सोना, चांदी और तांबे जैसी वस्तुओं पर भी पड़ सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही लोगों से ईंधन की खपत कम करने और बचत पर जोर देने की अपील कर चुके हैं।
विशेषज्ञ अनावश्यक यात्रा कम करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने, कार पूलिंग करने और ईंधन बचाने वाले वाहनों के इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं। यदि पश्चिम एशिया का तनाव लंबे समय तक जारी रहा, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम में और बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।