भोपालः भोपाल की त्विशा शर्मा मौत मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है। अदालत ने इस केस को गंभीर मानते हुए इसे दर्ज किया है। इस मामले पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच सोमवार को सुनवाई कर सकती है। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है और जांच एजेंसियों पर भी निगरानी बढ़ गई है।
पति समर्थ सिंह 7 दिन की पुलिस रिमांड में
इस मामले में भोपाल की स्थानीय अदालत ने मृतका के पति और मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। यह रिमांड 23 मई से 29 मई तक लागू रहेगी। पुलिस इस दौरान घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच करेगी और सबूत जुटाएगी। अदालत में पेशी से पहले आरोपी का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया था। हालांकि, आरोपी पक्ष ने रिमांड का विरोध किया है और कहा है कि रिमांड अवधि पूरी होने के बाद जमानत के लिए आवेदन किया जाएगा।
दूसरी पोस्टमॉर्टम की तैयारी और जांच
मामले में एक अहम कदम के रूप में दूसरी पोस्टमॉर्टम की तैयारी की जा रही है। यह प्रक्रिया रविवार को मेडिकल बोर्ड द्वारा की जाएगी और इसे एम्स दिल्ली के निदेशक की निगरानी में कराने की अनुमति मिली है। विशेषज्ञों की टीम अत्याधुनिक उपकरणों के साथ भोपाल के लिए रवाना हो चुकी है। गौरतलब है कि नोएडा की रहने वाली त्विशा शर्मा की मौत 12 मई को भोपाल में अपने ससुराल में हुई थी। परिवार का आरोप है कि उन्हें शादी के बाद मानसिक प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, जिसके बाद जांच और तेज कर दी गई है।
गिरफ्तारी, नोटिस और आगे की कानूनी प्रक्रिया
पुलिस ने इस मामले में समर्थ सिंह को 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया था जो काफी दिनों से फरार था। जांच केवल आरोपी तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी मां गिरिबाला सिंह को भी तीन नोटिस भेजे गए हैं जो पूर्व जज रह चुकी हैं। परिवार का आरोप है कि मामले में कई स्तरों पर गड़बड़ियां हुई हैं और वे लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
मृतका के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने कहा है कि इस केस की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और इसे जल्द सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। वहीं, अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील ने बताया कि पासपोर्ट से जुड़े मुद्दों पर भी कार्रवाई हुई है और 29 मई को तीन लंबित याचिकाओं पर सुनवाई होनी है।
फिलहाल बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी आरोपी समर्थ सिंह को वकालत से निलंबित कर दिया है। पूरे मामले में अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो आगे की जांच की दिशा तय करेगी।