त्वचा से संबंधित समस्याएं हो या चेहरे की रंगत निखारना हो। हल्दी का इस्तेमाल बरसों से ही सौन्दर्य निखारने में किया जाता है लेकिन...! मार्केट में कच्ची हल्दी के साथ-साथ कस्तुरी हल्दी का खूब ट्रेंड चल रहा है। खासतौर पर त्वचा और चेहरे को निखारने के लिए दक्षिण भारत में कस्तुरी हल्दी का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है।
कई फेसपैक में भी कस्तुरी हल्दी को मिलाया हुआ रहता है। लेकिन आपकी त्वचा या चेहरे पर कस्तुरी या फिर कच्ची... कौन सी हल्दी बेहतर असर करेगी?
आइए जान लेते हैं -
कच्ची हल्दी
रसोई घर और खाने के लिए जिस हल्दी का इस्तेमाल होता है उसमें कई तरह की औषधीय गुण होते हैं। इस हल्दी का इस्तेमाल त्वचा को निखारने से ज्यादा त्वचा की समस्याओं में किया जाता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। यह त्वचा की कोशिकाओं को सुरक्षित रखता है और उम्र के प्रभाव (एंटी-एजिंग) को कम करने में सहायक होता है।
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कच्ची हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। पिंपल, एग्जिमा और रैश आदि में कच्ची हल्दी का रस बेहद लाभदायक होता है। यह सनबर्न को कम करने में भी मददगार साबित होता है। कच्ची हल्दी त्वचा में मेलनिन के उत्पादन को नियंत्रित करता है जिससे त्वचा निखरी दिखाई देती है।
कस्तुरी हल्दी
कस्तुरी हल्दी मुख्य रूप से सुन्दरता को निखारने के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसे भोजन में इस्तेमाल नहीं किया जाता है लेकिन यह त्वचा के लिए बेहद लाभदायक है। संवेदनशील त्वचा पर भी कस्तुरी हल्दी का लेप लाभकारी साबित होता है।
कस्तुरी हल्दी लगाने से त्वचा पर रैश, जलन आदि समस्याएं नहीं आती हैं। खुजली और एलर्जी में भी कस्तुरी हल्दी लाभ पहुंचाता है। अगर नियमित रूप से चेहरे पर कस्तुरी हल्दी का लेप लगाया जाए तो इससे चेहरे पर बालों की समस्या भी कम हो जाती है।
कस्तुरी हल्दी में एंटी बैक्टेरियल गुण होते हैं। इसके साथ ही यह हाईपरपिग्मेंटेशन को कम करने में भी सहायक होता है। अधिक मात्रा में कच्ची हल्दी लगाने से चेहरे के पीला पड़ जाने का जहां डर रहता है वहीं कस्तुरी हल्दी के इस्तेमाल से यह डर नहीं रहता है। इससे त्वचा पर कोई निशान नहीं पड़ता है।
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कस्तुरी या कच्ची - कौन सी हल्दी है बेहतर?
कस्तुरी हल्दी और कच्ची हल्दी - दोनों ही त्वचा के लिए उपयोगी है। लेकिन कटने-छिलने पर कच्ची हल्दी न लगाएं। इससे त्वचा जल सकती है। इसके साथ ही संवेदनशील त्वचा पर भी कच्ची हल्दी का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में कस्तुरी हल्दी कई बार लाभ पहुंचाती है। हालांकि कस्तुरी हल्दी के मुकाबले कच्ची हल्दी अधिक सहजता के साथ उपलब्ध होती है। आप अपनी त्वचा के प्रकार और समस्या को ध्यान में रखते हुए ही हल्दी का चुनाव करें।