अफ्रीका के दो देशों में इबोला महामारी की वजह से हुई सैंकड़ों मौतों के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे लेकर ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी की घोषणा कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में इबोला महामारी (Ebola Outbreak) की वजह से 88 लोगों की मौत हो चुकी है।
इसके अलावा 300 से अधिक संदिग्ध मामले भी दर्ज किए गए हैं। WHO के महानिदेशक टेड्रोस अधानम घेब्रेयसस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने X हैंडल पर पोस्ट कर इस महामारी को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का विषय बताते हुए इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य इमरजेंसी की घोषणा की है।
पर आखिर है क्या इबोला महामारी? कैसे फैसला है यह और क्या है इसके लक्षण?
क्या है इबोला वायरस और इसका नया वेरिएंट?
NDTV की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इबोला एक खतरनाक वायरल बीमारी है जो इंसान और पशु दोनों को ही संक्रमित कर सकता है। वर्ष 1976 में पहली बार कांगो में इस वायरस का पता चला था। इसका नाम इबोला नदी के नाम पर रखा गया था।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इबोला वायरस काफी तेजी से फैसला है और यह कई बार जानलेवा भी साबित हो सकता है। वर्तमान में इबोला का BVD वेरिएंट फैल रहा है जो रेयर टाइप है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अभी तक इस वेरिएंट का न तो वैक्सीन बन सका है और न ही इसका इलाज मिला है। इस वेरिएंट के सबसे अधिक मामले कांगो में मिले हैं।
कैसे फैसला है यह वायरस?
इबोला वायरस संक्रमित व्यक्ति या पशु के खून, पसीने, लार, उल्टी अथवा शरीर से निकले तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैसला है। कांगो सरकार का दावा है कि वहां यह वायरस कम्यूनिटी ट्रांसमिशन के जरिए फैल रहा है जिसका मतलब है कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले दूसरे व्यक्तियों में इस वायरस के फैसले का सबसे अधिक खतरा होता है।
After having consulted the #DRC and #Uganda where the #Ebola disease caused by Bundibugyo virus is known to be currently occurring, I determine that the epidemic constitutes a public health emergency of international concern (PHEIC), as defined in the provisions of IHR.
— Tedros Adhanom Ghebreyesus (@DrTedros) May 17, 2026
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क्या है लक्षण?
इबोला वायरस से संक्रमण के शुरुआती लक्षण बुखार जैसे ही हो सकते हैं लेकिन बाद में ये लक्षण गंभीर बनते जाते हैं। प्राथमिक लक्षणों में शामिल हैं :-
- तेज बुखार
- शरीर और मांसपेशियों में दर्द
- कमजोरी और थकान
- उल्टी व दस्त
- त्वचा पर लाल चकतों का उभरना
- गंभीर होने पर शरीर से खून का निकलना
- गले में दर्द
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क्या है बचाव के उपाय?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अभी तक इबोला का पूरी तरह से इलाज नहीं मिल पाया है। दावा किया जाता है कि शुरुआती इलाज और अच्छी देखभाल से मरीज की जान बचायी जा सकती है। इबोला संक्रमित व्यक्ति के शरीर में पानी की कमी न होने देना और संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक दवाएं देना, इसके इलाज का हिस्सा है।
बचाव के उपाय :-
संक्रमित व्यक्ति से शारीरिक दूरी बनाएं
हाथों को साबुन से बार-बार साफ करें
मास्क व ग्लब्स का इस्तेमाल करें
भीड़भाड़ वाली जगहों पर हमेशा चेहरा और मुंह ढंक कर जाएं
संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से बचें
गौरतलब है कि इबोला वायरस से संक्रमण का कोई भी मामला अभी तक भारत में सामने नहीं आया है लेकिन दुनिया भर में इसके बढ़ते मामलों को लेकर लोगों की चिंताएं जरूर बढ़ गयी है। इस वजह से समय रहते सावधानी बरतना शुरू कर देना और सही जानकारी के साथ सतर्कता बरतना ही किसी भी संक्रामण बीमारी से बचने का पहला हथियार साबित हो सकता है।
(ध्यान दें, उक्त आर्टिकल सिर्फ जागरूकता और सतर्कता के उद्देश्य से दी गयी है। यहां किसी भी योग्य चिकित्सकीय राय नहीं दी जा रही है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने चिकित्सक अथवा किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें। समाचार एई समय इस आर्टिकल में दी गयी किसी भी जानकारी का दावा नहीं करता है।)