धर्मशाला : पंजाब किंग्स लगातार पांच हार के कारण सीजन के बीच में मुश्किल दौर से गुजर रही है। अब टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर अपने कप्तानी करियर के 100वें आईपीएल मैच में गत चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ टीम को शानदार वापसी दिलाने की कोशिश करेंगे।
टूर्नामेंट की शुरुआत पंजाब किंग्स के लिए बेहद शानदार रही थी। टीम ने शुरुआती सात मैचों में हार का सामना नहीं किया था जिसमें छह जीत और एक मुकाबला बेनतीजा रहा था। लेकिन इसके बाद लगातार पांच हार ने टीम की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदों को झटका दिया है। अब शीर्ष दो में जगह बनाने की राह भी कठिन हो गई है। ऐसे में कप्तान के तौर पर अपने 100वें आईपीएल मैच में अय्यर के पास टीम की किस्मत बदलने का सुनहरा मौका होगा।
श्रेयस अय्यर अब तक दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स की कप्तानी कर चुके हैं। उन्होंने कुल 99 आईपीएल मैचों में कप्तानी की है। इनमें 41 मैच दिल्ली कैपिटल्स, 29 मैच कोलकाता नाइट राइडर्स और 29 मैच पंजाब किंग्स के लिए रहे हैं।
इन 99 मुकाबलों में अय्यर ने 56 मैचों में जीत दर्ज की है जिनमें दो जीत सुपर ओवर में आई थीं। उनकी कप्तानी में टीमों को 40 मैचों में हार मिली जबकि तीन मुकाबले बेनतीजा रहे। पूरे हुए मैचों में उनका जीत प्रतिशत 58.3 रहा है जो आईपीएल इतिहास में किसी कप्तान के लिए संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस मामले में वह दिग्गज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की बराबरी पर हैं।
पंजाब किंग्स के लिए कप्तानी करते हुए अय्यर ने 16 मैच जीते हैं, 11 हारे हैं और दो मुकाबले बेनतीजा रहे हैं। इस दौरान उनका जीत प्रतिशत 55.17 रहा है।
श्रेयस अय्यर को आईपीएल इतिहास के बेहतरीन कप्तानों में गिना जाता है। वह एकमात्र ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने तीन अलग-अलग टीमों को आईपीएल फाइनल तक पहुंचाया है। उन्होंने 2020 में दिल्ली कैपिटल्स को मुंबई इंडियंस के खिलाफ फाइनल तक पहुंचाया था। इसके बाद 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ फाइनल में पहुंचाया और पिछले सीजन में पंजाब किंग्स को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खिताबी मुकाबले तक ले गए। इनमें से उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स को खिताब जिताया जो 2014 के बाद टीम का पहला और कुल तीसरा आईपीएल खिताब था।
इस सीजन में अय्यर ने 11 मैचों में 49.50 की औसत और 164.31 के स्ट्राइक रेट से 396 रन बनाए हैं। उनके बल्ले से पांच अर्धशतक भी निकले हैं। हालांकि लगातार पांच हार के दौरान उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 59 रन की पारी को छोड़ दें तो बाकी मुकाबलों में उन्होंने 4, 5, 19 और धीमी गति से 30 रन बनाए। इन पांच हारों के दौरान उन्होंने कुल 117 रन बनाए हैं और उनका औसत 23.40 रहा है।
श्रेयस अय्यर अपने करियर में कई बार खराब दौर से उबरने की मानसिक मजबूती दिखा चुके हैं और इस मुकाबले में भी उनसे ऐसी ही उम्मीद रहेगी। हालांकि उनके सामने आरसीबी के दो खतरनाक गेंदबाज बड़ी चुनौती बनकर खड़े होंगे।
भुवनेश्वर कुमार इस सीजन में 22 विकेट लेकर ऑरेंज कैप की दौड़ में आगे चल रहे हैं। उन्होंने टी20 क्रिकेट में 11 पारियों में अय्यर को तीन बार आउट किया है। अय्यर उनके खिलाफ सिर्फ 90 के स्ट्राइक रेट से रन बना पाए हैं। उन्होंने ‘स्विंग किंग’ कहे जाने वाले भुवनेश्वर के खिलाफ 50 गेंदों में केवल 45 रन बनाए हैं और सिर्फ चार चौके लगाए हैं।
वहीं जॉश हेजलवुड के खिलाफ अय्यर का रिकॉर्ड और भी खराब रहा है। छह पारियों में हेजलवुड ने उन्हें चार बार आउट किया है जबकि अय्यर उनके खिलाफ 22 गेंदों में सिर्फ 11 रन ही बना सके हैं।