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बच्चे का परीक्षा परिणाम लगातार खराब हो रहे हैं, पढ़ाई में मन नहीं लग रहा ? क्या कब्ज की शिकायत तो नहीं है ?

अगर कब्ज में ये दोनों ग्रह कमजोर हो जाएं तो पढ़ाई में ध्यान कम होना, परीक्षा के परिणाम खराब होना सब हो सकता है।

छोटेपन में पढ़ाई में अच्छा था, बड़े होने पर ध्यान न देने वाला बन गया। या फिर बच्चा पूरे साल ध्यान देकर पढ़ाई करता है, लेकिन परीक्षा के समय कुछ लिख नहीं पाता। बच्चों की पढ़ाई को लेकर अधिकांश माता-पिता ऐसी शिकायतें करते हैं। मेहनत करने के बावजूद अच्छे नंबर नहीं आते। एकाग्रता कम हो जाना, पढ़ाई याद रखने के बावजूद जल्दी भूल जाना जैसी समस्याएँ देखी जाती हैं। कोई इसके लिए डाइट पर जोर देता है, तो कोई बच्चे को फटकारता है। लेकिन कभी बच्चे की कुंडली देखने का सोचा है ? ज्योतिष शास्त्र कहता है कि कई बार विभिन्न ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव से भी ऐसा हो सकता है। विशेष रूप से बुध और बृहस्पति ग्रह को विद्या, बुद्धि और ज्ञान का प्रतिनिधि माना जाता है। कुंडली में ये दो ग्रह कमजोर हो जाएँ तो पढ़ाई में ध्यान कम होना, परीक्षा में खराब परिणाम होना सब हो सकता है। इसलिए इनका उपाय करना आवश्यक है। यह काम कैसे होगा ?

1. बुध कमजोर होने पर क्या हो सकता है ?

बुध ग्रह को बुद्धि, स्मृति शक्ति, और संचार कौशल का प्रतीक माना जाता है। यदि बुध कमजोर हो, तो बच्चे की सोचने की गति कम हो सकती है। किसी प्रश्न को समझने में अधिक समय लग सकता है। लेखन या बोलने में गलतियों की प्रवृत्ति भी बढ़ जाती है। पढ़ाई के दौरान मन बार-बार दूसरी तरफ चला जाता है।

ज्योतिष के अनुसार, बुधवार को कुछ आसान उपायों का पालन करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है। जैसे— हरे रंग का अधिक उपयोग करना, हरी मूँग दाल देना और विघ्नहर्ता गणेश की पूजा करना शुभ माना जाता है।

2. बृहस्पति कमजोर होने पर क्या होता है ?

ज्योतिषशास्त्र में बृहस्पति को ज्ञान, सही दिशा, विवेक और आत्मविश्वास का कारक माना जाता है। यदि बृहस्पति कमजोर हो तो पढ़ाई में रुचि कम हो सकती है। कई बार सही निर्णय लेने में भी समस्या होती है, परीक्षा के समय आत्मविश्वास भी खराब हो जाता है।

इस स्थिति में गुरुवार को कुछ विशेष नियम मानने की बात कही जाती है। पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। भोजन में हल्दी का उपयोग बढ़ाना और घर के बड़ों का आशीर्वाद लेना भी सकारात्मक माना जाता है।

3. नियमित जीवनयापन क्यों जरूरी है ?

पढ़ाई में सफल होने के लिए केवल ग्रह ही नहीं, रोज़मर्रा की आदतें भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार साफ़ मन और नियमित जीवनशैली एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती है। सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करना अच्छा माना जाता है। पढ़ने की जगह हमेशा साफ और शांत रखनी चाहिए। मोबाइल, टीवी या अतिरिक्त शोर से दूर रहने से ध्यान बढ़ता है। रोज़ कुछ समय ध्यान या प्रार्थना करने से मन शांत रहता है और स्मरण शक्ति भी सुधरती है।

4. कौन-कौन से तरीके अपनाए जा सकते हैं ?

परीक्षा में अच्छे परिणाम के लिए कुछ आसान उपाय भी प्रचलित हैं। जैसे—पढ़ाई शुरू करने से पहले मां सरस्वती को याद करना, किताबें और कॉपियाँ साफ करके सजाना और परीक्षा के दिन घर से निकलने से पहले मिठाई खाना शुभ माना जाता है। हालांकि सबसे महत्वपूर्ण कठोर परिश्रम और नियमित अभ्यास है। ज्योतिष के उपाय मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन वास्तविक सफलता सही तैयारी, धैर्य और लगातार प्रयास के माध्यम से ही आती है।

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