पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद से ही राज्य सरकार एक्शन मोड में आ गयी है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी लगातार विभिन्न जिलों में प्रशासनिक बैठकें कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ राज्य सरकार के अन्य उच्चाधिकारी भी अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में तत्परता के साथ जुट गए हैं।
इसी क्रम में बंगाल के स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम (Narayan Swaroop Nigam) ने कोलकाता के कई मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने शनिवार की देर रात को यह दौरा किया।
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार की रात को उन्होंने कोलकाता के 5 मेडिकल कॉलेज व अस्पतालों का दौरा किया। इससे पहले गुरुवार को उन्होंने कोलकाता के 5 मेडिकल कॉलेजों और चार टीचिंग इंस्टीट्यूशन अस्पतालों के प्राचार्य और उपाचार्यों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की थी।
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सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक में उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर सख्त निर्देश भी दिए थे। इसके बाद शनिवार की रात को स्वास्थ्य सचिव खुद अस्पतालों का निरीक्षण करने पहुंचे।
बताया जाता है कि सबसे पहले नारायण स्वरूप निगम नेशनल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल गए। इसके बाद वह कलकत्ता मेडिकल कॉलेज व अस्पताल, एनआरएस मेडिकल कॉलेज व अस्पताल, आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल और एसएसकेएम अस्पताल का दौरा किया। बताया जाता है कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में उन्होंने उपाचार्य सप्तर्षी चटर्जी और अन्य डॉक्टरों व अधिकारियों के साथ बैठक भी की।
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गौरतलब है कि पिछले दिनों की राज्य की नवनिर्वाचित मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने अस्पतालों का निरीक्षण किया था और इस दौरान उन्होंने अपना तीव्र असंतोष व्यक्त किया था। स्वास्थ्य भवन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अस्पतालों में अस्वच्छ वातावरण, गंदे शौचालय और निगरानी की कमी जैसे मुद्दों को लेकर पहले ही अस्पताल प्रशासन को कड़ा संदेश दिया जा चुका है।
मंत्री पॉल द्वारा असंतोष जताने के तुरंत बाद स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि केवल शौचालय ही नहीं, बल्कि अस्पताल के वार्ड और कॉरिडोर को भी साफ-सुथरा रखा जाए।
स्वास्थ्य भवन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल के विभिन्न हिस्सों की दिन में कम से कम 3 बार सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि यह कार्य वास्तव में हो रहा है या नहीं, इस पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।