नई दिल्ली: देश के कुछ हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लग रही लंबी कतारों और किल्लत की खबरों के बीच देश की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ( IndianOil ) ने आज शनिवार को एक अहम बयान जारी किया। इंडियन ऑयल ने ग्राहकों और आम जनता को आश्वस्त किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है।
कंपनी ने साफ किया है कि कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर देखी जा रही स्थिति पूरी तरह से अस्थायी और स्थानीय है, जो स्थानीय स्तर पर मांग-आपूर्ति के असंतुलन और बिक्री के बदलते पैटर्न के कारण पैदा हुई है। शनिवार को तेल कंपनियों ने एक बार फिर से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की। वहीं सीएनजी के भी दाम बढ़ गए हैं। इस महीने ईंधन की कीमतों में यह तीसरी वृद्धि है।
अचानक क्यों बढ़ी भीड़ ?
इंडियन ऑयल ने अपने बयान में उन मुख्य कारणों का भी खुलासा किया है, जिनकी वजह से कुछ खास इलाकों में अचानक ईंधन की मांग बढ़ गई है। इसके लिए कंपनी ने इन कारणों को बताया है:
देश के कई हिस्सों में इस समय फसलों की कटाई का सीजन चल रहा है। इसके चलते कृषि से जुड़े कामों के लिए डीजल की मौसमी मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है।
कुछ निजी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों पर कीमतें सरकारी पंपों के मुकाबले काफी ज्यादा हैं। इस वजह से निजी पंपों के ग्राहक अब सरकारी तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों का रुख कर रहे हैं।
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण थोक और संस्थागत सप्लाई के दाम काफी ऊंचे हो गए हैं। इसके चलते बड़े कमर्शियल और संस्थागत खरीदार भी अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए सीधे सरकारी खुदरा पेट्रोल पंपों पर आ रहे हैं।
रेकॉर्ड बढ़ोतरी, फिर भी सप्लाई सामान्य
कंपनी की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 1 से 22 मई 2026 के दौरान इंडियन ऑयल की ईंधन बिक्री में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले भारी उछाल देखा गया। इस दौरान पेट्रोल की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 14% बढ़ी। पिछले साल के मुकाबले इस बार डीजल की बिक्री में करीब 18% बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी ने कहा कि मांग में इस अप्रत्याशित और लगातार हो रही बढ़ोतरी के बावजूद इंडियन ऑयल देश भर में ग्राहकों की जरूरतों को लगातार पूरा कर रहा है। देश भर में कंपनी के 42,000 से अधिक पेट्रोल पंपों के विशाल नेटवर्क में से गिने-चुने आउटलेट्स पर ऐसी स्थिति बनी है। देश के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर स्टॉक और सप्लाई पूरी तरह से सामान्य और पर्याप्त है।