तृणमूल का ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ अब ‘हार-बार मॉडल’ में बदल गया है। फलता में चुनाव परिणाम स्पष्ट होते ही पूर्व शासक दल पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तंज कसा। इसका पलटवार करते हुए तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी और तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने जवाब दिया।
डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला यह विधानसभा क्षेत्र अब तक तृणमूल कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद हुए पुनर्चुनाव में यह गढ़ ढह गया। तृणमूल प्रत्याशी जहांगीर खान के चुनाव मैदान से हटने के बाद मुकाबला लगभग एकतरफा हो गया और भाजपा ने आसानी से बढ़त बना ली।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने X हैंडल पर लिखा कि फलता के मतदाताओं के प्रति मैं विशेष रूप से आभारी हूं। मैंने भाजपा प्रत्याशी को एक लाख वोटों से जिताने की अपील की थी। जीत का अंतर एक लाख आठ हजार से अधिक रहा। विकास के माध्यम से मैं आपका यह ऋण चुकाऊंगा।
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फलता में पिछले लोकसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को लगभग 1 लाख 70 हजार वोटों की बढ़त मिली थी। वहीं इस बार जहांगीर खान को 7,500 से कुछ अधिक वोट ही मिले हैं। इसी बात पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि एक ऐसी पार्टी, जो बिना किसी नीति और आदर्श के केवल एक माफिया कंपनी में बदल गई थी, सत्ता खोते ही उसकी वास्तविक हालत सामने आ गई है।
राष्ट्रीय शक्ति का दुरुपयोग, सरकारी धन की लूट, लोगों की मेहनत की कमाई की वसूली, सिंडिकेट और धमकी की संस्कृति के जरिए इस पार्टी के नेताओं ने खुद को अजेय समझ लिया था।
उन्होंने आगे लिखा कि अब 15 साल बाद जब लोगों को फिर से अपना वोट डालने की स्वतंत्रता मिली है तो असली तस्वीर सामने आ गई है। आने वाले समय में तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व को ‘नोटा’ के खिलाफ कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
फलता का चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने फेसबुक लाइव कर अपना संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव के नाम पर एक मजाक था। वोटों की लूट हुई है। चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर भाजपा ने वोट लूटे हैं। पूरे प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया गया है।
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ममता बनर्जी ने अपने संदेश में कहा कि विपक्ष इस कथित अनियमितता के खिलाफ एकजुट होकर मुकाबला करेगा और जल्द ही भाजपा की सत्ता से विदाई होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि आगामी जून महीने की शुरुआत में विपक्षी गठबंधन सक्रिय होगा।
वहीं दूसरी तरफ अभिषेक बनर्जी ने अपने X अकाउंट पर लिखा कि फलता विधानसभा क्षेत्र के पुनर्चुनाव की मतगणना में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि आज दोपहर 3:30 बजे तक 21 राउंड की गिनती पूरी हो गई जबकि 4 मई को उसी समय तक केवल 2–4 राउंड की गिनती हुई थी।
इस अंतर का स्पष्ट जवाब चुनाव आयोग को जनता के सामने देना चाहिए। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 दिनों में फलता में 1,000 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके घरों से बेघर किया गया। फिर भी आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने यह भी कहा कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद तृणमूल कांग्रेस कार्यालय को तोड़ा गया।
अभिषेक बनर्जी ने आगे कहा कि जब तक 'समझौता करने वाले अधिकारियों' को जवाबदेह नहीं ठहराया जाता और मतगणना प्रक्रिया की सीसीटीवी के जरिए निष्पक्ष जांच नहीं होती है तब तक इस जनादेश की विश्वसनीयता पर सवाल उठते रहेंगे।