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मात्र ₹3000 में देखिए ‘आग उगलता पहाड़’! बैरेन द्वीप का रोमांचक ज्वालामुखी बना टूरिस्ट हॉटस्पॉट

भारत का एकमात्र जीवित ज्वालामुखी पोर्ट ब्लेयर के पास के बैरेन द्वीप पर मौजूद हैं। समुद्र मार्ग से यह ज्वालामुखी पोर्ट ब्लेयर से करीब 140 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

By Moumita Bhattacharya

May 24, 2026 18:20 IST

क्या आप जानते हैं भारत में एक ज्वालामुखी है जो यूं तो सोया रहता है लेकिन कभी-कभी जाग उठता है। अनुभव करना चाहते हैं इस रोमांच को? यह भारत में मौजूद एकमात्र ज्वालामुखी है जो जागता है। जानकारी के मुताबिक आखिरी बार 13 और 20 सितंबर 2025 को इस ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ था जब ज्वालामुखी से गर्म लावा बाहर निकला था। क्या आपको पता है आप मात्र ₹3000 खर्च करके इस ज्वालामुखी को देखने जा सकते हैं।

भारत का एकमात्र जीवित ज्वालामुखी पोर्ट ब्लेयर के पास के बैरेन द्वीप पर मौजूद हैं। समुद्र मार्ग से यह ज्वालामुखी पोर्ट ब्लेयर से करीब 140 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां तक ले जाने के लिए डिरेक्टोरेट ऑफ शिपिंग सर्विसेस (DSS) की जहाज सेवा को शुरू किया गया है। यह जहाज अंडमान के जलमार्ग से घुमाकर बैरेन द्वीप पर लेकर जाता है।

बता दें, यह ज्वालामुखी समुद्र की सतह से करीब 354 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

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किसी भी समय जाग उठती है ज्वालामुखी

पहली बार बैरेन द्वीप पर मौजूद ज्वालामुखी के जागने और इसमें लावा विस्फोट की जानकारी 1787 में मिली थी। उसके बाद से अक्सर यह ज्वालामुखी जाग उठती है। हालांकि बैरेन द्वीप पर किसी भी व्यक्ति का निवास नहीं है। इसलिए कभी भी लावा विस्फोट की वजह से यहां जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं मिलती है। पूरे द्वीप पर हर तरफ काला बालु फैला हुआ है। कहीं काला पत्थर तो कहीं लावा का ढेर पड़ा हुआ है।

ANI

शाम के अंधेरे में बैरेन द्वीप का सफर

शाम ढलने के बाद पोर्ट ब्लेयर से बैरेन द्वीप के लिए जहाज रवाना होती है। घुप्प अंधेरे में अंडमान सागर का सीना चीरते हुए जहाज आगे बढ़ता है। कई घंटे सामने सिर्फ अंधेरे के अलावा और कुछ नजर नहीं आता है। इसके बाद जब भोर की पहली किरण नजर आती है तो उसके साथ ही सामने काले रंग की ज्वालामुखी भी दिखाई देती है।

अगर आपकी किस्मत अच्छी हुई तो पहाड़ के ऊपर यानी ज्वालामुखी के ऊपरी हिस्से से धुआं निकलता दिखाई दे सकता है। पहाड़ से नीचे बहता लावा देखकर खुद को रोमांचित होने से आप नहीं रोक सकेंगे।

ज्वालामुखी से सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए ही यह जहाज बैरेन द्वीप के चारों तरफ चक्कर काट कर वापस लौट आता है। बैरन द्वीप पर उतरना मना है। सिर्फ क्रुज पर बैठाकर ही आपको घुमाया जाएगा।

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ध्यान दें, इस ट्रिप पर जाने के लिए भारतीय नागरिकों को वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य है।

कितना खर्च और कितना लगेगा समय?

बैरेन द्वीप का राउंड चक्कर लगाने में 12 से 14 घंटे का समय लग जाता है। पर्यटकों के लिए केबिन वाले जहाज और खाने-पीने की व्यवस्था की जाती है। प्रत्येक शुक्रवार की रात को करीब 9 बजे यह क्रुज पोर्ट ब्लेयर से खुलता है। बैरेन द्वीप का पूरा चक्कर लगाकर अगले दिन शाम 4 बजे तक यह क्रुज वापस पोर्ट ब्लेयर लेकर आता है।

खर्च -

₹3180 से ₹8,310 प्रति व्यक्ति है। हालांकि यह खर्च इस बात पर निर्भर करता है कि आप क्रुज में किस प्रकार का केबिन ले रहे हैं। इसके टिकट की बुकिंग DSS के e-ticketing portal से की जा सकती है।

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