जयपुरः दुनियाभर में ऊर्जा संकट के बीच राजस्थान से खुशखबरी मिली है। सीमावर्ती जिले जैसलमेर में नेचुरल गैस का भंडार मिला है। जैसलमेर बेसिन स्थित डांडेवाला फील्ड में ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL) ने नए प्राकृतिक गैस भंडार की सफल खोज की है। इस उपलब्धि को भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। डांडेवाला क्षेत्र के सानू फॉर्मेशन से पहली बार प्राकृतिक गैस का सफल प्रवाह शुरू हुआ है।
हर दिन 25 हजार स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर उत्पादन
परीक्षण के दौरान यहां से करीब 25 हजार स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन गैस उत्पादन दर्ज किया गया। ऑयल इंडिया लिमिटेड के अनुसार, कंपनी ने इस कुएं की ड्रिलिंग करीब 950 मीटर की गहराई तक की थी। प्रारंभिक तकनीकी मूल्यांकन और भूवैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर लगभग 75 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस संसाधन होने की संभावना जताई जा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने दी जानकारी
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 'एक्स' पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है और राजस्थान में मिली यह सफलता ऊर्जा आत्मनिर्भरता के अभियान को नई गति देगी।
मरुस्थल में मौजूद हो सकते हैं कई बड़े भंडार
खास बात यह है कि डांडेवाला क्षेत्र में पहले पारंपरिक गैस उत्पादन होता रहा है। लेकिन सानू फॉर्मेशन में पहली बार गैस की मौजूदगी सामने आई है। इस नए गैस भंडार की खोज के बाद रेगिस्तानी इलाके के लिए उम्मीद जग गई है। संभावना है कि मरुस्थल में कई बड़े ऊर्जा संसाधन मौजूद हो सकते हैं। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच आई यह सफलता देश के लिए राहत की खबर मानी जा रही है। वर्तमान में भारत अपनी प्राकृतिक गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में जैसलमेर की यह खोज रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है।