दक्षिण 24 परगनाः जिले के फलता विधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस अजेय है, क्योंकि वहां का मुस्लिम वोटर गेम सेट करता है... ये फॉर्मूला इस बार फेल हो गया। क्योंकि दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा के जो नतीजे आए हैं, उसने कोलकाता के कालीघाट से लेकर दिल्ली के लुटियंस जोन तक के दफ्तरों में खलबली मचा दी है। आंकड़े ऐसे हैं कि ममता बनर्जी परेशान होंगी तो राहुल गांधी के रणनीतिकार भी कैलकुलेटर निकालकर गणित बिठा रहे होंगे।
पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा चुनाव का नतीजा आया और विपक्ष के नेता शॉक्ड रह गए। क्योंकि यह सिर्फ एक सीट का रिजल्ट नहीं, मुस्लिमों के वोट बैंक को अपना हक समझने वाली पार्टियों के लिए मैसेज है। क्योंकि यहां कुल वोट पड़े 2,10,192… और इसमें से 72% वोट अकेले बीजेपी के कैंडिडेट देवांशु पांडा को मिल गए। सवाल ये कि जब हिंदू आबादी यहां करीब 63 से 65% के आसपास है, तो बीजेपी को 71% वोट कैसे मिल गए ? विपक्ष इसे ध्रुवीकरण कह सकता है, लेकिन नतीजे बताते हैं कि या तो बीजेपी को एक-एक हिन्दू वोट मिल गए और विपक्ष को सिर्फ मुसलमानों के वोट मिले, एक भी हिन्दू ने वोट नहीं किया और या फिर तमाम मुसलमानों ने भी खुलकर बीजेपी को सपोर्ट किया। लेकिन असली कहानी इतनी सीधी नहीं है।
फलता विधानसभा में इस बार रिकॉर्ड 87% वोटिंग हुई थी। यानी लोगों ने इस बार वोट डालने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। ये भी नहीं कह सकते कि मुस्लिम वोटर घर से नहीं निकले। अब नतीजा भी देख लीजिए। वोटिंग पैटर्न को देखें तो यह मुकाबला कई उम्मीदवारों के बीच था, लेकिन असल बढ़त बीजेपी को तब मिली जब मैदान में मुकाबला पूरी तरह एकतरफा होता दिखा। बीजेपी ने लगभग हर बूथ पर मजबूत प्रदर्शन किया और बड़े वोट शेयर में तब्दील किया।
किसे कितने वोट मिले
बीजेपी: 149666 वोट (71.2%)
सीपीएम: 40645 वोट (19.34%)
कांग्रेस: 10084 वोट (4.8%)
टीएमसी: 7778 वोट (3.7%)।