कोलकाताः कोलकाता के सॉल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में सोमवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) ने जनता दरबार लगाया। यह उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद आयोजित दूसरा ऐसा कार्यक्रम था, जिसमें बड़ी संख्या में आम लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
सुबह से ही कार्यालय के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं। सबसे ज्यादा संख्या नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े उम्मीदवारों की रही। मुख्यमंत्री ने खुद लोगों से मुलाकात की, उनकी शिकायतें सुनीं और कई लोगों से आवेदन पत्र और दस्तावेज भी लिए।
शिक्षक भर्ती घोटाले से प्रभावित उम्मीदवारों ने सीएम को सौंपा ज्ञापन
जनता दरबार में शिक्षक भर्ती घोटाले से प्रभावित हजारों उम्मीदवार पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर SSC भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग की।
‘योग्य शिक्षक-शिक्षिका, शिक्षाकर्मी और अनशनकारी मंच’ से जुड़े सुमन विश्वास ने कहा कि लाखों उम्मीदवार लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे हैं। उम्मीदवारों का कहना है कि पुरानी भर्ती प्रक्रिया में OMR शीट के आधार पर फिर से चयन किया जाए।
उन्होंने यह भी मांग रखी कि चयन में OMR नंबर, शैक्षणिक योग्यता और न्यूनतम अंक को आधार बनाया जाए ताकि योग्य उम्मीदवारों को मौका मिल सके।
ताजा भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी उम्मीदवारों ने अपनी चिंताएं जाहिर कीं। WBSSC की ओर से 35,726 सहायक शिक्षक पदों के लिए SLST 2025 नोटिफिकेशन जारी किया गया है। लिखित परीक्षा और इंटरव्यू आधारित चयन प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है।
पुलिस भर्ती में महिलाओं की ऊंचाई मानदंड पर सवाल
जनता दरबार में पुलिस भर्ती के उम्मीदवार भी बड़ी संख्या में पहुंचे। खासकर महिला उम्मीदवारों ने ऊंचाई से जुड़े नियमों को लेकर अपनी परेशानी रखी।
उम्मीदवार सुष्मिता धाड़ा ने मुख्यमंत्री को बताया कि पश्चिम बंगाल की महिलाओं की औसत ऊंचाई राष्ट्रीय सर्वे के अनुसार करीब 151 सेंटीमीटर है, जबकि राज्य पुलिस भर्ती में सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए न्यूनतम 160 सेंटीमीटर ऊंचाई जरूरी है।
उम्मीदवारों का कहना है कि इस नियम की वजह से कई योग्य लड़कियां भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो जाती हैं। उन्होंने मांग की कि भर्ती नियमों को वास्तविक औसत ऊंचाई के आधार पर संशोधित किया जाए।
‘अब आम लोग सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच पा रहे हैं’
जनता दरबार में पहुंचे कई उम्मीदवारों और आम लोगों ने कहा कि पहले सरकार तक पहुंचना मुश्किल था, लेकिन अब सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने का मौका मिल रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
नौकरी गंवाने वाले उम्मीदवारों को उम्मीद है कि 31 अगस्त 2026 तक सुप्रीम कोर्ट से मिले समय के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान निकल सकता है। सॉल्ट लेक का यह जनता दरबार सिर्फ शिकायत सुनने का मंच नहीं, बल्कि नौकरी और भर्ती से जुड़े मुद्दों पर सरकार और युवाओं के बीच सीधा संवाद बनकर सामने आया।