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दिल्ली में बंगाल की प्रशासनिक ताकत बढ़ाने की तैयारी, शुभेंदु अधिकारी की अहम बैठक

नयी दिल्ली दौरे में रेसिडेंट कमिश्नर कार्यालय के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक। बंगाल सरकार की दिल्ली स्थित संपत्तियों की स्थिति पर मांगा गया पूरा ब्यौरा।

By श्वेता सिंह

May 25, 2026 14:33 IST

नयी दिल्लीः नयी दिल्ली में पश्चिम बंगाल सरकार की प्रशासनिक उपस्थिति और अधिक सक्रिय करने पर जोर दिया गया है। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दिल्ली में तैनात राज्य सरकार के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी भूमिका केवल औपचारिक नहीं, बल्कि सक्रिय और प्रभावी होनी चाहिए।

उनका कहना था कि दिल्ली में मौजूद राज्य प्रतिनिधि अगर पूरी तरह सक्रिय नहीं रहेंगे, तो इसका असर राज्य से जुड़े कामकाज और विकास योजनाओं पर पड़ सकता है।

रेसिडेंट कमीशनर कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठक

शपथ ग्रहण के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे शुभेंदु अधिकारी ने राजधानी में रेसिडेंट कमीशनर कार्यालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

इस बैठक में उन्होंने दिल्ली में राज्य सरकार की कार्यप्रणाली, समन्वय व्यवस्था और कार्यालयों के संचालन को लेकर विस्तृत जानकारी ली। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से यह भी जाना कि वर्तमान समय में दिल्ली में राज्य सरकार की गतिविधियां किस स्तर पर चल रही हैं।

बंगाल सरकार की संपत्तियों का पूरा ब्यौरा तलब

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि दिल्ली में पश्चिम बंगाल सरकार की किन-किन संपत्तियों का उपयोग और संचालन किया जा रहा है।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि राजधानी में राज्य सरकार के पास कई महत्वपूर्ण संपत्तियां हैं, जिनमें- हैली रोड स्थित बंग भवन, चाणक्यपुरी स्थित बंग भवन, गोल मार्केट स्थित ‘मुक्तधारा’ सांस्कृतिक केंद्र, बाबा खड़गसिंह मार्ग स्थित रेसिडेंट कमीशनर कार्यालय शामिल है।

इस जानकारी के बाद इन परिसरों के बेहतर उपयोग और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर चर्चा हुई।

भविष्य की योजना को लेकर संकेत

सूत्रों के अनुसार बैठक में यह भी संकेत दिए गए कि भविष्य में केंद्र सरकार से भूमि प्राप्त कर दिल्ली में पश्चिम बंगाल सरकार के अधीन और संस्थागत ढांचा विकसित करने की योजना पर विचार किया जा सकता है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य राजधानी में राज्य की मौजूदगी को और मजबूत करना बताया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाई जा सके।

दिल्ली दौरे के दौरान हुई इस बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि पश्चिम बंगाल सरकार राजधानी में अपनी प्रशासनिक और संस्थागत भूमिका को और अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है।

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