पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 25 मई को सभी विभागों के सचिवों के साथ नवान्न में बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राज्य में 100 दिनों के काम यानी VB G-RAMG परियोजना (महात्मा गांधी नेशनल रुरल एम्प्लॉइमेंट गारंटी एक्ट) को जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार 2 जिलों के अलावा राज्य के अन्य सभी जिलों में 100 दिनों का काम जल्द ही शुरू होगा। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को सभी विभागों के सचिवों की बैठक में उक्त निर्देश दिया है।
लेकिन सिर्फ दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद जिले में अभी 100 दिनों का काम शुरू नहीं होने वाला है। पर क्यों? इस बारे में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इससे पहले वाली सरकार के कार्यकाल में इन दोनों जिलों में ही सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आयी थी।
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इसलिए दक्षिण 24 परगना और मुर्शिदाबाद के अलावा राज्य के अन्य सभी जिलों में 100 दिनों का काम परियोजना को शुरू करने का निर्देश दिया गया है। बताया जाता है कि इन दोनों जिलों में दर्ज सभी शिकायतों की जांच अभी भी जारी है। इसी वजह से इन दोनों जिलों में फिलहाल 100 दिनों का काम परियोजना को शुरू नहीं किया जा रहा है।
बता दें, पूर्व की तृणमूल सरकार के कार्यकाल में इस परियोजना में व्यापक भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आयी थी। आरोप लगाया गया था कि केंद्र सरकार ने परियोजना के लिए आवंटन बंद कर दिया है। पश्चिम बंगाल खेतिहर-मजदूर कमेटी ने इसके खिलाफ कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था।
आरोप लगाया गया था कि दिसंबर 2021 से पश्चिम बंगाल में 100 दिनों के काम की मजदूरी नहीं दी जा रही है। इस मामले में तत्कालीन विरोधी पार्टी के नेता शुभेंदु अधिकारी ने अलग से मामला भी दायर किया था। उन्होंने इस परियोजना में गड़बड़ी की शिकायत दर्ज करवाते हुए CBI जांच के आदेश दिए थे।
राज्य में अब सत्ता परिवर्तन हो चुका है। नई सरकार ने बागडोर संभालते ही इस परियोजना को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। माना जा रहा है कि इस परियोजना के फिर से शुरू होने पर खासतौर पर बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।