पटनाः पटना में जन सुराज अभियान के संस्थापक प्रशांत किशोर ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि पेपर लीक को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने साफ कहा कि अगर परीक्षा में एक भी सवाल बाहर चला जाता है, तो उसे पूरी तरह पेपर लीक ही माना जाएगा।
प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लाखों छात्र महीनों तक मेहनत करके परीक्षा की तैयारी करते हैं, ऐसे में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके भविष्य पर सीधा असर डालती है। उन्होंने कहा कि यह बहस करना बेकार है कि लीक कितने सवालों का हुआ, क्योंकि जब परीक्षा रद्द हो चुकी है तो उसकी विश्वसनीयता पहले ही खत्म हो चुकी है।
यह बयान उस विवाद के बाद आया है जब NEET-UG परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठे और अंत में परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया। प्रशांत किशोर ने कहा कि सिस्टम की जिम्मेदारी छात्रों का भरोसा बनाए रखने की है, लेकिन मौजूदा स्थिति में सिस्टम की विफलता साफ दिखती है।
NTA का पक्ष और जांच की स्थिति
दूसरी तरफ, NTA ने सफाई दी है कि पेपर लीक की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कर रही है। एजेंसी का कहना है कि यह लीक सीधे उनके सिस्टम से नहीं हुआ, बल्कि बाहर से प्रश्न पत्र के कुछ हिस्से फैलाए गए।
NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह और उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी ने संसदीय समिति को बताया कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई सुधार पहले ही लागू किए जा चुके हैं, जबकि बाकी सुधारों पर काम चल रहा है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि एजेंसी की ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के तहत परीक्षा रद्द करना जरूरी था, क्योंकि थोड़ी भी गड़बड़ी परीक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है।
लाखों छात्रों पर असर
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और 14 अंतरराष्ट्रीय केंद्रों पर आयोजित हुई थी। इसमें 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए थे। परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में चिंता और असमंजस का माहौल है।
संसदीय समिति ने भी इस मामले की समीक्षा की है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर चर्चा की है। साथ ही यह प्रस्ताव भी सामने आया है कि आगे से NEET-UG परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) के रूप में कराया जाए।
सरकारी जानकारी के अनुसार अब परीक्षा का पुनः आयोजन 21 जून को किया जाएगा। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।