इबोला संक्रमण (Ebola Outbreak) को लेकर दुनिया भर के तमाम देशों की चिंताएं बढ़ रही हैं। मध्य अफ्रीका के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इबोला से संक्रमित लोगों की संख्या लगभग 1000 पर पहुंच गई है। यह संक्रमण युगांडा में भी फैल चुका है।
ऐसी स्थिति में भारत में इबोला संक्रमण को रोकने की तैयारियों की समीक्षा को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने एक उच्च स्तरीय बैठक की।
सोमवार (25 मई) को आयोजित इस बैठक में अन्य मंत्रालयों और कई केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी भी मौजूद थे। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
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देशभर में सख्ती से इबोला स्क्रीनिंग लागू
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने बताया कि भारत में प्रवेश करने से पहले सभी प्रवेश बिंदुओं (Points of Entry) पर इबोला की स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके तहत एयरपोर्ट्स, Seaport और सीमा चौकियों, सभी जगहों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
तैयार रहने के निर्देश
इबोला संक्रमण की जांच या ट्रैकिंग के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा तैयार रखने के निर्देश भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) को दिए गए हैं। हालांकि अभी तक देश में इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। फिर भी स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि सभी संभावित परिस्थितियों से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जा रही है।
बता दें, इबोला संक्रमण को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक वैश्विक आपातकालीन सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिति (PHEIC) घोषित कर दिया है।
भारत ने भी कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की यात्रा को लेकर चेतावनी जारी कर दी है। इबोला संक्रमण को लेकर अफ्रीकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (Africa CDC) भी चिंतित है। इस संगठन की ओर से भी इबोला को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ कॉन्टिनेंटल सिक्योरिटी (PHECS) घोषित किया गया है।