जयपुरः राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय ने शोधार्थियों के हित में पहल करते हुए पीएचडी शोधार्थियों के लिए “कुलपति सीयूराज अनुसंधान प्रोत्साहन” योजना शुरू करने की घोषणा की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ये यह जानकारी दी।
यह योजना न केवल शोधार्थियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी, बल्कि उन्हें बिना किसी वित्तीय चिंता के गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान करने के लिए प्रेरित भी करेगी।
प्रशासन के अनुसार, यह योजना विशेष रूप से नॉन-नेट फेलोशिप प्राप्त शोधार्थियों के लिए प्रारंभ की गई है, जिसका उद्देश्य उन्हें अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करना तथा विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को प्रोत्साहित करना है।
राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पात्र शोधार्थियों को वर्तमान नॉन-नेट फेलोशिप के अतिरिक्त प्रति माह पांच हजार रुपए की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि साथ ही शोध संबंधी व्ययों के लिये दस हजार रुपए की अतिरिक्त आकस्मिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।