प्रश्नपत्र लीक को लेकर देशभर में भारी विवाद के बाद आखिरकार NEET-UG परीक्षा फिर से आगामी 21 जून को आयोजित की जाएगी। इस बार की पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए शिक्षा मंत्रालय पूरी तैयारी में जुट गया है। सोमवार (25 मई) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, उप-राज्यपालों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को एक पत्र भेजा है।
पीआईबी (PIB) के अनुसार केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने पत्र में आगामी 21 जून की परीक्षा को सुरक्षित, सुनियोजित और सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए राज्यों से सहयोग की मांग की गयी है।
गौरतलब है कि 3 मई यानी पिछली परीक्षा के दिन उतनी गर्मी नहीं थी। लेकिन आज से (25 मई) नौपता की शुरुआत हो चुकी है। अगले 9 दिनों तक उत्तर और पश्चिम भारत के बड़े हिस्से में लू (तापप्रवाह) चलने के साथ भी भीषण गर्मी पड़ने वाली है।
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ऐसी स्थिति में परीक्षार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंताएं पैदा हो गई है। केंद्रीय मंत्री ने अपने पत्र में जिला प्रशासन और परीक्षा केंद्रों को ओआरएस (ORS), पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी, पंखे, कूलर और छायादार शेड की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
इसके साथ ही, उस दिन परीक्षार्थियों के आवागमन के लिए अतिरिक्त सार्वजनिक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) की व्यवस्था रखने का भी राज्यों से अनुरोध किया गया है।
शिक्षा मंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि छात्रों का हित और उनका स्वास्थ्य ही हमारे लिए प्राथमिकता होगी। जानकारों का मानना है कि हाल ही में घोटालों के सामने आने के बाद केंद्र अब किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहता।
बता दें, इससे पहले 3 मई को NEET-UG परीक्षा आयोजित हुई थी लेकिन प्रश्न पत्र के लीक और भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते केंद्र सरकार ने उस परीक्षा को रद्द कर दिया था।