लंदन : ब्रिटेन में हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ती घृणा, भेदभाव और हमलों की घटनाओं के बीच एक नई पहल शुरू की गई है। हाल ही में वहां आधिकारिक रूप से ‘एंटी-हिंदू हेट मॉनिटरिंग सेंटर’ (एएचएचएमसी) नामक एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की गई है।
इस मंच का उद्देश्य ब्रिटेन में हिंदू समुदाय को निशाना बनाकर किए जा रहे कथित हेट क्राइम की घटनाओं को व्यवस्थित तरीके से दर्ज करना और लोगों के बीच कानूनी जागरूकता बढ़ाना बताया गया है।
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में देश में धार्मिक तनाव और नस्लीय भेदभाव से जुड़ी घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है।
विशेष रूप से वर्ष 2022 में लेस्टर और बर्मिंघम में हुई सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं के बाद कई हिंदू संगठनों ने सुरक्षा और अलग निगरानी व्यवस्था की मांग उठाई थी।
इस पहल से जुड़े लोगों का कहना है कि मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था में हिंदू विरोधी अपराधों को अक्सर अलग श्रेणी में दर्ज नहीं किया जाता। उनका दावा है कि कई घटनाएं इसी कारण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ पातीं और न ही उनके सही आंकड़े तैयार हो पाते हैं।
‘एंटी-हिंदू हेट मॉनिटरिंग सेंटर’ नियमित रूप से: शिकायत और सूचनाएं एकत्र करेगा, घटनाओं का डेटा तैयार करेगा, सांख्यिकीय रिपोर्ट जारी करेगा और वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित करेगा। संगठन का कहना है कि इससे ब्रिटेन में हिंदू विरोधी अपराधों के पैटर्न और प्रकृति को समझना आसान होगा।
अंतरराष्ट्रीय संबंधों और समाजशास्त्र से जुड़े कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिटेन में यहूदी विरोधी और इस्लाम विरोधी अपराधों के लिए पहले से अलग निगरानी तंत्र मौजूद है लेकिन हिंदू समुदाय के लिए ऐसी कोई विशेष प्रणाली अब तक नहीं थी।
विश्लेषकों के अनुसार यदि यह केंद्र ब्रिटेन की पुलिस, सांसदों और सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम करता है, तो भविष्य में हिंदू विरोधी घटनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
कुछ समाज वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि केवल शिकायत दर्ज करना पर्याप्त नहीं होगा। उनके अनुसार इस केंद्र को प्रभावित लोगों को कानूनी सहायता, मानसिक सहयोग और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।