फिर से टल गयी IPAC मामले की सुनवाई। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई शुक्रवार (22 मई) को होने वाली है। मामले में अब तक जांच की रिपोर्ट एन्फोर्समेंट डिरेक्टोरेट (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में पेश की थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 महीने बाद होगी। मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 अगस्त 2026 की तारीख निर्धारित की गयी है।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायाधीश नीलय विपीनचंद्रा अंजरिया की खंडपीठ में IPAC मामले की सुनवाई हुई। हालांकि इस दौरान ममता बनर्जी की तरफ से उनके वकील कल्याण बनर्जी वर्चुअली मौजूद रहे।
अदालत कक्ष में सभी वकीलों को उपस्थित न देखकर न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा ने सवाल उठाया। इसके जवाब में कल्याण बनर्जी ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश ने वर्चुअली उपस्थित होने का निर्देश दिया है। उनकी बात सुनकर न्यायाधीश ने अपनी टिप्पणी में कहा कि वर्चुअली मौजूद कल्याण और फिजिकली मौजूद कल्याण बनर्जी में काफी अंतर है।
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सुनवाई के अंत में न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा सभी दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया।
गौरतलब है कि गत 8 जनवरी को ED के अधिकारी जब IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के कोलकाता स्थित घर और ऑफिस में छापेमारी करने पहुंचे तब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) अचानक वहां पहुंच गई।
ED का आरोप है कि तलाशी के दौरान ममता बनर्जी IPAC प्रमुख प्रतीक जैन के न सिर्फ घर में घुसी बल्कि वहां से दस्तावेज, फाइल और लैपटॉप लेकर भी वह जबरन बाहर निकल गयी। इस घटना के बाद ही ED ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।