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शांतनु सिन्हा विश्वास के करीबी सब-इंस्पेक्टर के घर पर ED की रेड, कोलकाता में कई ठिकानों पर छापेमारी

सोना पप्पू से पूछताछ में मिले सुरागों के बाद ईडी ने पुलिस अफसरों और कारोबारियों के ठिकानों पर मारी रेड, जमीन सिंडिकेट और अवैध लेनदेन की जांच तेज।

By श्वेता सिंह

May 22, 2026 12:54 IST

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में जमीन कब्जाने और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सोना पप्पू मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बड़ा अभियान चलाया। एजेंसी ने कोलकाता और मुर्शिदाबाद समेत कुल नौ स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित अवैध लेनदेन और जमीन कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच के तहत की गई है, जिसमें कोलकाता पुलिस के पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास का नाम भी सामने आया है।

सुबह से ही ईडी (ED) की अलग-अलग टीमें इन ठिकानों पर पहुंचीं और तलाशी शुरू कर दी। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बल की मौजूदगी भी रही। जांच एजेंसी का कहना है कि यह कदम पूछताछ के दौरान मिले अहम सुरागों के आधार पर उठाया गया है।

कई इलाकों में एक साथ छापेमारी

ईडी (ED) ने कोलकाता के अलग-अलग हिस्सों में तलाशी ली, जबकि मुर्शिदाबाद जिले में भी कार्रवाई की गई। एजेंसी ने जिन जगहों को निशाने पर लिया, उनमें आरोपियों से जुड़े लोग, उनके सहयोगी और संपत्तियां शामिल हैं।

जांच के दायरे में मोहम्मद अली उर्फ मैक्स राजू और सौरभ अधिकारी भी हैं। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक सौरभ अधिकारी को शांतनु सिन्हा विश्वास का रिश्तेदार बताया जा रहा है। ईडी (ED) इन सभी के बीच कथित वित्तीय और आपराधिक संबंधों की जांच कर रही है।

कोलकाता पुलिस के सब-इंस्पेक्टर के घर भी तलाशी

छापेमारी के दौरान कोलकाता पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर रुहिल अमीन अली के घर भी ईडी (ED) पहुंची। एजेंसी को शक है कि उनका पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास से करीबी संबंध रहा है। इसी कारण उनके आवास को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

ईडी अब यह समझने की कोशिश कर रही है कि कथित जमीन सिंडिकेट और अवैध कमाई का पैसा किन रास्तों से आगे बढ़ाया गया।

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पूछताछ से मिले इनपुट बने आधार

जांच अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई थी। इन्हीं इनपुट के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई।

ईडी का मानना है कि इस नेटवर्क के जरिए जमीन कब्जाने, लोगों पर दबाव बनाकर संपत्ति खरीदने और अवैध निर्माण जैसे काम किए गए। अब एजेंसी पूरे पैसे के लेनदेन और संपत्ति के स्रोत की जांच कर रही है।

पहले भी हो चुकी है बरामदगी

इससे पहले 1 अप्रैल को भी ईडी ने इस केस में छापेमारी की थी। उस दौरान करीब 1.47 करोड़ रुपये नकद, लगभग 67 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने, एक फॉर्च्यूनर गाड़ी और बिना लाइसेंस वाला रिवॉल्वर बरामद किया गया था।

इसके अलावा कई दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और कुछ जमीन व इमारतों की पहचान भी हुई थी, जिन्हें कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से जोड़ा गया है।

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क्या है पूरा मामला?

ईडी (ED) ने 14 मई को पूर्व डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वास को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 18 मई को कारोबारी विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को भी गिरफ्तार किया गया।

इसके पहले 19 अप्रैल को सन एंटरप्राइज के मैनेजिंग डायरेक्टर जय एस कामदार को भी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी का आरोप है कि सोना पप्पू और उसके सहयोगियों ने मिलकर जमीन कब्जाने, अवैध वसूली और गैरकानूनी निर्माण का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा किया था। ईडी (ED) अब इस पूरे नेटवर्क की वित्तीय और आपराधिक कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

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