फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन कब्जा जमाने और उस जमीन पर अवैध निर्माण कराने के आरोप में सोमवार की रात को ED ने विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को गिरफ्तार किया। मंगलवार को उसे कोलकाता की विशेष ED अदालत में पेश किया गया जहां 10 दिनों की हिरासत की मांग की गयी है।
ED विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है। हालांकि ED की इस मांग का सोना पप्पू के वकील ने विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी हो चुकी हैं लेकिन न्यायाधीश ने अभी तक कोई फैसला नहीं सुनाया है।
एक महीने में 4 बार नोटिस भेजे जाने के बावजूद सोना पप्पू ED के जांच अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए थे। इसी बीच सोमवार की सुबह करीब 11 बजे वह अचानक अपनी पत्नी के साथ सॉल्टलेक स्थित CGO कॉम्प्लेक्स पहुंचे। वहां मैराथन पूछताछ के बाद जांचकर्ताओं ने सोमवार की रात को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
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मंगलवार को अदालत में ED ने आरोप लगाया कि सोना पप्पू सिंडिकेट गिरोह के जरिए जरूरतमंदों की जमीन-जायदाद पर जबरन कब्जा करते थे। इतना ही नहीं यदि कोई इस मामले में थाने में शिकायत करने जाता था तो उल्टा उसे ही झूठे मामलों में फंसाने की धमकी भी दी जाती थी।
शांतनु, सोना पप्पू और जय ने मिलकर बनाया गिरोह
जमीन कब्जा करने के इस मामले में इससे पहले ही कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा विश्वास और कारोबारी जय कामदार को गिरफ्तार किया जा चुका है। ED ने पहले दावा किया था कि शांतनु, सोना पप्पू और जय - इन तीनों ने मिलकर एक गिरोह बना रखा था।
इसी कड़ी में मंगलवार को ED ने अदालत में आरोप लगाया कि हर मामले में भारी रकम का लेनदेन हुआ है। संपत्तियों पर कब्जा करने के बाद वहां अवैध निर्माण का काम जय कामदार करवाते थे। ED ने दावा किया कि सोना पप्पू की आय से कहीं अधिक संपत्ति का पता चला है।
जांच एजेंसी का दावा है कि तलाशी के दौरान सोना पप्पू के घर से एक विदेशी पिस्तौल भी बरामद हुई। उल्लेखनीय है कि कुछ महीने पहले गोलपार्क के पास दो गुटों के बीच हुए बमबाजी और गोलीबारी की घटना में भी उसका नाम सामने आया था।
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सोना पप्पू के वकील ने आरोपों का किया विरोध
हालांकि ED के आरोपों का सोना पप्पू के वकील ने विरोध किया है। सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल के खिलाफ जबरन जमीन पर कब्जा जमाने की कोई शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल एक कारोबारी हैं।
इसलिए उनके घर से नकदी मिलने को लेकर ED ने अदालत में जो दलील दी है उसका कोई खास मतलब नहीं निकलता। सोना पप्पू के वकील ने अदालत में यह भी दावा किया कि जांच एजेंसी अवैध लेनदेन का कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई है।