कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार देर रात लंबी पूछताछ के बाद जमीन कब्जे और अवैध वसूली से जुड़े मामले में आरोपी विश्वजीत पोद्दार उर्फ ‘सोना पप्पू’ को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, वह करीब तीन महीने से फरार चल रहा था और सोमवार सुबह उसने सॉल्ट लेक स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में ईडी कार्यालय में पेश होकर जांच में शामिल हुआ। इसके बाद पूरे दिन उससे लगातार पूछताछ की गई और रात में उसे हिरासत में ले लिया गया।
ED अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई दक्षिण कोलकाता में जमीन कब्जा, जबरन वसूली और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस के तहत की गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शान्तनु सिन्हा विश्वास और व्यवसायी जय एस कामदार के साथ आरोपी के वित्तीय संबंधों की कड़ियां जुड़ती हैं। हालांकि पूछताछ से पहले ‘सोना पप्पू’ ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि उसका किसी भी जमीन कब्जे या अवैध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है और उसके खिलाफ किसी भी थाने में शिकायत दर्ज नहीं है।
तफ्तीश में यह आरोप भी सामने आए हैं कि कास्बा, तिलजला और तपसिया क्षेत्रों में सक्रिय एक संगठित गिरोह के जरिए जमीन पर कब्जा और वसूली का नेटवर्क चलाया जा रहा था, जिसमें उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।
उसका नाम पहले भी कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है, जिनमें 2015 में बालीगंज रेल यार्ड में झड़प, 2017 का एक हत्या मामला और 2021 में प्रेसीडेंसी जेल के बाहर प्रतिद्वंद्वी मुन्ना पांडे पर हमला शामिल है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस पूरे नेटवर्क को किसी प्रभावशाली व्यक्ति या वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त था और क्या इसके जरिए बड़े पैमाने पर अवैध वित्तीय लेनदेन किया जा रहा था।