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नॉर्वे के साथ भारत के बड़े आर्थिक समझौते, पीएम मोदी ने भारत-यूरोप संबंधों को बताया ‘स्वर्णिम युग’

भारत की हरित ऊर्जा, तकनीक और व्यापार क्षेत्रों में नॉर्वे करेगा 100 अरब डॉलर निवेश

By डॉ. अभिज्ञात

May 18, 2026 19:26 IST

ओस्लोः भारत और यूरोप के संबंधों को नई दिशा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि नई दिल्ली और ब्रसेल्स के रिश्ते अब “स्वर्णिम दौर” में प्रवेश कर रहे हैं। इसी क्रम में नॉर्वे ने भारत के व्यापार, प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश ढांचे की घोषणा की है।

अपने ऐतिहासिक नॉर्वे दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्कैंडिनेवियाई देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का सर्वोच्च दर्जा माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में उन्हें मिला यह 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।

नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर के साथ संयुक्त मीडिया वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया गंभीर अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। उन्होंने दोहराया कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों को समाप्त करने के लिए शांति वार्ता और कूटनीतिक प्रयास सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, हम इन संघर्षों के शीघ्र समाधान के पक्षधर हैं और संवाद तथा कूटनीति का समर्थन करते हैं। सैन्य संघर्ष किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।”

इसके साथ ही उन्होंने बहुपक्षीय संस्थाओं में व्यापक सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया, ताकि आधुनिक वैश्विक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय संकटों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ नॉर्वे के दृढ़ रुख के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत और नॉर्डिक क्षेत्र के बीच सहयोग तेजी से मजबूत हो रहा है। भारत और यूरोप अपने संबंधों के स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान बढ़ते भू-राजनीतिक और आर्थिक समन्वय का भी उल्लेख किया।

राजनयिक वार्ताओं के समानांतर नॉर्वे सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था में लगभग 100 अरब अमेरिकी डॉलर निवेश करने की योजना पेश की। इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यावसायिक सहयोग को नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है।

सोमवार को ही प्रधानमंत्री मोदी अपने यूरोपीय दौरे के चौथे चरण के तहत ओस्लो पहुंचे, जहां हवाई अड्डे पर नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोर और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली नॉर्वे यात्रा है और पिछले चार दशकों से अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की नॉर्डिक देश की पहली आधिकारिक द्विपक्षीय यात्रा भी है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए विश्वास जताया कि यह यात्रा “भारत-नॉर्वे मित्रता को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।”

अपने 48 घंटे के कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्या से भी होगी। इसके अलावा वह नॉर्वे के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के साथ व्यापार, निवेश, पर्यावरण सुधार, डिजिटल अवसंरचना और औद्योगिक आधुनिकीकरण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और सहयोग बढ़ाने के नए क्षेत्रों की पहचान की जाएगी।

दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच वर्ष 2024 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 2.73 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर पर रहा था। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को ओस्लो में आयोजित होने वाले तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे। इस सम्मेलन में नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति रहेगी।

यह उच्चस्तरीय सम्मेलन भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रणनीतिक एवं भू-राजनीतिक सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले ऐसे सम्मेलन 2018 में स्टॉकहोम और 2022 में कोपेनहेगन में आयोजित किए जा चुके हैं।

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