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पार्क सर्कस में रविवार को पत्थरबाजी की घटना पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की चेतावनी, याद रखें यह आपलोगों की आखिरी...!

शुभेंदु अधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा कि कानून का पालन करते हुए कोई भी विरोध जता सकता है लेकिन पत्थरबाजी कर विरोध नहीं जताया जा सकता है।

By Moumita Bhattacharya

May 18, 2026 16:26 IST

कोलकाता के पार्क सर्कस में रविवार (17 मई) को विरोध-प्रदर्शन और जमावड़े को लेकर भारी तनाव फैल गया। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची तब नाराज भीड़ ने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके। आरोप है कि केंद्रीय बल की एक बस में भी तोड़फोड़ की गई। सोमवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी घटनास्थल का जायजा लेने पहुंचे।

वहां से उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि कानून का पालन करते हुए कोई भी विरोध जता सकता है लेकिन पत्थरबाजी कर विरोध नहीं जताया जा सकता है। ऐसे मामलों में सरकार 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी समूह, कोई व्यक्ति, कोई राजनीतिक या धार्मिक संगठन अपनी बात या मांग ओसी (ऑफिसर-इन-चार्ज) या आईसी (इंस्पेक्टर-इन-चार्ज) से मिलकर रख सकता है। संबंधित थाने की जिम्मेदारी है कि वह उचित जवाब दे।

इसमें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन अचानक कुछ लोगों को इकट्ठा करके नारेबाजी करना और पत्थर फेंकना - यह कश्मीर के श्रीनगर में भी बंद हो चुका है। मेरा मानना है कि पश्चिम बंगाल और कोलकाता में भी इसे बंद होना चाहिए।

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उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी एक पुलिसकर्मी पर भी हाथ उठाया गया तो सरकार कानून के तहत जहां तक जाना पड़ेगा वहां तक जाएगी।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी रविवार की घटना में घायल हुए पुलिसकर्मियों और केंद्रीय जवानों से मिलने सोमवार को पहुंचे। पुलिस की भूमिका की सराहना करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि जिनके हाथों में कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी है वे जनहित में बिना किसी डर के काम करें। उन्होंने कहा कि आपके गृह मंत्री और मुख्यमंत्री आपके साथ हैं। पुलिस कमिश्नर के नेतृत्व में पूरा विभाग भी आपके साथ खड़ा है।

इस तरह की अशांति फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पार्क सर्कस समेत जिन-जिन जगहों पर पिछले कुछ दिनों में आपने इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है, आप लोग कान खोलकर सुन लें - यह आपकी आखिरी घटना होनी चाहिए। आने वाले दिनों में हम इस तरह की कोई भी घटना नहीं होने देंगे।

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अगर फिर से ऐसा हुआ तो मुझसे ज्यादा सख्त कोई पुलिस मंत्री नहीं होगा। मैं अपील करता हूं कि इस तरह के काम न करें। अगर आपको लगता है कि पिछली सरकार अब भी है, पुराने नियम अब भी चलेंगे और पहले की तरह पुलिस के हाथ-पांव बांधकर रखे जाएंगे तो यह आपकी भूल होगी। संदेश बिल्कुल स्पष्ट है - इस तरह की हिंसा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रधानमंत्री ने चुनाव प्रचार के दौरान बार-बार कहा था, "बंगाल से डर आउट, भरोसा इन।” सोमवार को मुख्यमंत्री ने भी उसी बात को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि पुलिस एक बार फिर अपनी दक्षता साबित करेगी और अपने उच्च स्तर तक पहुंचेगी। कहीं भी किसी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं चलेगा। भारतीय न्याय संहिता के तहत जो भी आवश्यक कार्रवाई होगी, वही की जाएगी।

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