पिछले कई सालों से हावड़ा स्टेशन से बाहर निकलते ही यात्रियों की सबसे पहली लड़ाई बस अथवा टैक्सी पकड़ने की जद्दोजहद नहीं बल्कि फुटपाथ पर लगने वाली दुकानों से बचकर-बचाकर अपना भारी सामान लेकर आगे बढ़ने की होती थी।
कभी ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी तो कभी ट्रेन से उतरकर बस अथवा टैक्सी पकड़ने की हड़बड़ी और इन सबके बीच सिर पर बैग और हाथों में सूटकेस अथवा ट्रॉली बैग लेकर सड़क के दोनों किनारों पर लगे ठेले, डाले और खाने-पीने की अवैध दुकानों व स्टॉल के बीच से थोड़ी सी जगह से होकर निकलना किसी भारी मुसीबत से कम नहीं होती थी।
हावड़ा स्टेशन के पास खासतौर पर सबवे के प्रवेश द्वार और गंगा नदी के किनारे की सड़क सबसे ज्यादा अतिक्रमण वाले इलाके माने जाते थे। लेकिन शनिवार रात के बाद वहां की तस्वीर मानो पूरी तरह बदल गई। शनिवार की देर रात को हावड़ा रेलवे स्टेशन परिसर में RPF और GRP ने संयुक्त रूप से बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया।
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इस दौरान रेलवे की जमीन पर कब्जा करके बनाए गए अवैध दुकानें, खाने-पीने के स्टॉल, ठेले और डाले को बुलडोजर से तोड़ दिया गया। आरोप है कि स्थानीय राजनीतिक संरक्षण की वजह से पिछले लंबे समय से ये दुकानें चल रही थीं। सूत्रों की मानें तो इस अभियान में कम से कम 150 से ज्यादा दुकानों को तोड़कर हटाया गया है।
#WATCH | West Bengal | Demolition drive took place amid heavy security near Howrah Railway Station area to remove illegal encroachments (16.05) pic.twitter.com/AA1fxfDWxD
— ANI (@ANI) May 17, 2026
रविवार सुबह से बदले हुए हावड़ा रेलवे स्टेशन परिसर को देखकर आम यात्रियों ने काफी राहत महसूस की। जहां पहले लोगों का चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता था वहां अब सड़कें काफी खुली नजर आ रही हैं। इसका सबसे ज्यादा फायदा लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार हावड़ा रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क पर अतिक्रमण होने की वजह से लोगों को स्टेशन में प्रवेश करने और बाहर निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खासकर ऑफिस टाइम में स्थिति और भी भयावह हो जाती थी। इसकी शिकायत पिछले लंबे समय से की जा रही थी।
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इसी के तहत शुक्रवार को RPF की तरफ से दुकानदारों से जगह खाली करने का नोटिस भी दिया गया था लेकिन जब अधिकांश दुकानदारों ने जगह खाली नहीं की तो शनिवार की रात को अभियान चलाकर अवैध कब्जों को हटाया गया।
रविवार की सुबह से ही हावड़ा रेलवे स्टेशन परिसर में RPF और GRP की कड़ी पहरेदारी चल रही है ताकि दोबारा कोई अवैध रूप से दुकान न लगा सके। लगातार गश्ती भी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आम लोगों की सुविधा और हित को ध्यान में रखकर चलाया गया है और भविष्य में भी इस तरह की निगरानी जारी रहेगी।