मंत्री पद संभालने के बाद ही बनगांव उत्तर से भाजपा विधायक अशोक कीर्तनिया (Ashok Kirtania) ने खाद्य विभाग को 'भ्रष्टाचारमुक्त' बनाने का आह्वान किया था। अब उन्होंने फर्जी राशन कार्ड के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने की बात कही है।
बंगाल के नवनिर्वाचित खाद्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो लोग भारत के नागरिक नहीं हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधा नहीं दी जाएगी और उनके सभी लाभ बंद कर दिए जाएंगे।
रविवार को बनगांव में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अशोक कीर्तनिया ने कहा कि SIR में जिन लोगों का नाम हट जाएगा, उन्हें किसी भी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा। उन्हें राशन भी नहीं दिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया के बाद जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा, उनके राशन कार्ड रद्द कर दिए जाएंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं ने ट्राइब्यूनल में आवेदन किया है उनकी सेवाएं जारी रहेंगी।
दूसरी ओर मतुआ सम्प्रदाय के कई लोगों के नाम SIR के बाद मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। ऐसे मतदाताओं से मंत्री ने तुरंत Citizenship Amendment Act (CAA) के तहत आवेदन करने की अपील की। अशोक कीर्तनिया ने कहा कि जो लोग शरणार्थी मतुआ समुदाय से आते हैं, उन्हें किसी भी सरकारी सुविधा से वंचित नहीं किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री के जल्दबाजी में लिए गए फैसलों के कारण कई लोगों ने CAA के लिए आवेदन नहीं किया। मैंने उन्हें बार-बार कहा है कि जल्द आवेदन करें। यदि वे CAA के तहत आवेदन करते हैं तो उन्हें किसी भी सुविधा से वंचित नहीं किया जाएगा।
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अशोक कीर्तनिया ने आगे कहा कि कई सरकारी कर्मचारी भी BPL सूची में शामिल होकर राशन कार्ड का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों से जल्द अपने राशन कार्ड जमा करने की अपील की है और चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि अगले एक-दो दिनों में ही बिना पूर्व सूचना के खाद्य विभाग के विभिन्न कार्यालयों में औचक निरीक्षण किए जाएंगे ताकि व्यवस्था की स्थिति की जांच की जा सके।