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सिंध में जल संकट गहराया, भीषण गर्मी के बीच पानी की भारी किल्लत

सिंध में पानी आपूर्ति ठप, नागरिकों में बढ़ा आक्रोश

By प्रियंका महतो

May 17, 2026 16:41 IST

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के सिंध प्रांत में भीषण गर्मी की लहर ने पहले से गंभीर जल संकट को और अधिक बढ़ा दिया है। यह स्थिति नगर प्रशासन और बुनियादी ढांचे के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हैदराबाद, लतीफाबाद और कासिमाबाद जैसे क्षेत्रों में रहने वाले लोग लंबे समय से पानी की गंभीर कमी से जूझ रहे है जबकि तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है जैसा कि द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में बताया गया है।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार स्थानीय निवासियों ने बताया है कि कई इलाकों में पिछले कई महीनों से पानी की आपूर्ति नियमित नहीं है। कई स्थानों पर केवल थोड़े समय के लिए ही पानी उपलब्ध होता है जिससे लोग दैनिक उपयोग, पीने और खाना पकाने के लिए पर्याप्त पानी जमा नहीं कर पाते। इस अनियमित जल आपूर्ति के कारण कई परिवारों को महंगे निजी टैंकरों और अन्य विकल्पों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव के बीच उनका वित्तीय बोझ और बढ़ गया है। नागरिकों में इस स्थिति को लेकर गहरा आक्रोश है और वे नगर निगम तथा संबंधित संस्थाओं पर आरोप लगा रहे हैं कि भीषण गर्मी के बावजूद स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।

लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण आम जनता को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है और अब परिवारों को अपने मासिक बजट का बड़ा हिस्सा केवल पानी की व्यवस्था पर खर्च करना पड़ रहा है।इसके अलावा, कई इलाकों के निवासियों ने पाइपलाइन आपूर्ति प्रणाली से जुड़ी गंभीर प्रदूषण समस्याओं का भी उल्लेख किया है। स्थानीय लोगों के अनुसार पहले नलों और पाइपलाइनों से साफ पानी आता है, जिसके कारण लोग छत के टैंक और भूमिगत भंडारण भरना शुरू कर देते हैं। लेकिन कुछ समय बाद उसी पाइपलाइन से दूषित और बदबूदार पानी आने लगता है जिससे पहले से भरा हुआ पानी भी खराब हो जाता है। यह जानकारी भी द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में सामने आई है।

नागरिकों का कहना है कि जैसे ही दूषित पानी संग्रहित पानी में मिल जाता है, पूरा भंडार उपयोग के लायक नहीं रहता क्योंकि उसमें तेज बदबू और अस्वच्छता फैल जाती है। ऐसे में परिवारों को मजबूरी में उस पानी को फेंकना पड़ता है और महंगे विकल्पों पर निर्भर होना पड़ता है जैसा कि द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने रिपोर्ट किया है।

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