पश्चिम बंगाल के मंत्री पद की शपथ लेने के बाद दिलीप घोष पहली बार पत्नी रिंकु घोष समेत अपने पैतृक गांव पहुंचे। रविवार को झारग्राम के गोपीबल्लभपुर स्थित कुलियाना गांव में वह और उनकी पत्नी पहुंचे। गांव में उनके आगमन को लेकर उत्साह का माहौल था। सभी ग्रामीणों ने बड़े ही गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया।
गांव पहुंचकर सबसे पहले दिलीप घोष कुलियाना के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में गए जहां उन्होंने पत्नी के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे गांव के एक शिव मंदिर में भी गए और वहां भी दर्शन किए। मंत्री बनने की खुशी में मंदिर में मौजूद भक्तों के बीच ग्रामीणों ने लड्डू वितरित किए गए।
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उनके परिवार की ओर से गांववासियों के लिए बड़े भोज का आयोजन भी किया गया। यह भोज उनके पैतृक घर पर ही आयोजित हुआ था जिसमें शाकाहारी और मांसाहार हर तरह के भोजन की व्यवस्था की गयी थी। गांव में अपने ‘घर के बेटे’ को मंत्री के रूप में देखकर ग्रामीणों की खुशी साफ झलक रही थी।
Ei Samay गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारी अंतर से जीतने के बाद भाजपा ने राज्य में सत्ता का परिवर्तन किया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य में नई सरकार का गठन किया गया है। शुभेंदु अधिकारी के कैबिनेट में दिलीप घोष को पंचायत और ग्रामीण विकास व पशुपालन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
इस मौके पर राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि अब तक राजनीतिक स्वार्थ के कारण अनियमितताएं हुई हैं। नई सरकार सभी मामलों की जांच करेगी। राज्य के लोगों पर अब तक केवल शोषण हुआ है। हम सभी शिकायतों पर कार्रवाई करेंगे। जंगमहल के लोग लंबे समय से वंचित रहे हैं। उनके गांव के बेटे (दिलीप घोष) के मंत्री बनने से लोग बहुत खुश हैं।