🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

दाढ़ी वाले दूल्हे से शादी नहीं, राजस्थान में बना नया नियम, तोड़ने पर 2.51 लाख का जुर्माना

गुर्जर महापंचायत में पंच-पटेलों, समाज के वरिष्ठजनों एवं समाजबंधुओं ने नियम बनाए और ऐलान किया कि ये नियम पाली, जोधपुर, ब्यावर, जालोर और नागौर जिलों में प्रभाव से लागू हो जाएंगे।

By लखन भारती

May 19, 2026 17:48 IST

जयपुरः राजस्थान में गुर्जर समाज ने शादी और मृत्यु से संबंधिंत आयोजनों में फिलूजखर्ची को रोकने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है जिसकी काफी चर्चा हो रही है। ये नियम राजस्थान के पांच जिलों- पाली, जोधपुर, ब्यावर, जालोर और नागौर-में लागू भी हो गए हैं। ये नियम पाली जिले के सोजत क्षेत्र स्थित देवडूंगरी में भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में आयोजित गुर्जर महापंचायत में सर्वसम्मति से तय किए गए। महापंचायत में समाज सुधार, फिजूलखर्ची पर रोक और कुरीतियों को समाप्त करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महापंचायत में पाली, जोधपुर, ब्यावर, जालोर और नागौर जिलों से बड़ी संख्या में समाजबंधु, पंच-पटेल एवं समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे। महापंचायत में सर्वसम्मति से तय किया गया कि समाज में बढ़ती अनावश्यक खर्चीली परंपराओं को रोकने के लिए कठोर नियम लागू किए जाएंगे।

दूल्हा होगा क्लीन शेव्ड

विवाह समारोहों को लेकर निर्णय लिया गया कि दूल्हे का क्लीन शेव रहना अनिवार्य होगा तथा दाढ़ी में विवाह करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा बिंदौली में डीजे पर पूर्ण रोक लगाने तथा पहरावनी में खर्च की अधिकतम सीमा 21 हजार रुपये निर्धारित करने का फैसला लिया गया।

सामाजिक आयोजनों में डोडा, अफीम एवं शराब की मनुहार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का भी निर्णय लिया गया। महापंचायत में स्पष्ट किया गया कि किसी भी आयोजन में इनका उपयोग पाए जाने पर समाज के लोग भोजन ग्रहण नहीं करेंगे तथा कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे। नियमों की अवहेलना करने वालों पर 2 लाख 51 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान भी तय किया गया।

मृत्युभोज को लेकर भी नियम

महापंचायत में बाल विवाह एवं मृत्युभोज जैसी कुप्रथाओं को समाप्त करने पर विशेष जोर दिया गया। समाज को शिक्षा, रोजगार और जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया गया। मृत्युभोज को सादगीपूर्ण बनाने के उद्देश्य से भी नए नियम तय किए गए। इसके तहत 12वीं के आयोजन में केवल सादा भोजन करवाया जाएगा तथा मिठाई के रूप में केवल लापसी ही बनाई जाएगी।

Articles you may like: