उत्तर 24 परगनाः अर्जुन सिंह ने सोमवार को गारुलिया और उत्तर बैरकपुर नगरपालिकाओं के चेयरमैन, पार्षदों और अधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। इस दौरान उन्होंने नगर पालिकाओं में कथित भ्रष्टाचार को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कहा कि अगर किसी पार्षद या अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उनके वेतन से पैसे की वसूली की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में उन्होंने सात दिनों के भीतर भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। उनका कहना था कि जिन लोगों ने सरकारी कामों में गड़बड़ी की है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
बैठक में अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में नगरपालिकाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने अवैध निर्माण, जलाशयों को भरने का मुद्दा उठाया। साथ ही उन्होंने कहा कि नई भाजपा सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी तरह की नरमी नहीं बरतेगी।
गारुलिया नगरपालिका में लगाए जा रहे 20 रुपये के कचरा कर को भी तुरंत बंद करने को कहा गया। दूसरी ओर, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा किसी नगरपालिका पर कब्जा नहीं करेगी और मौजूदा बोर्ड ही काम जारी रखेगा।
अर्जुन सिंह ने गंगा कटाव, जल निकासी, सड़क, पेयजल और सफाई जैसी समस्याओं पर चिंता जताई। उत्तर बैरकपुर नगरपालिका में कचरा निपटान की समस्या और केंद्रीय एजेंसियों से मिलने वाले करीब 50 करोड़ रुपये के बकाये का मुद्दा भी उठा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस राशि को दिलाने के लिए वह प्रयास करेंगे।
बैठक के बाद गारुलिया नगरपालिका के चेयरमैन रमेन दास ने कहा कि विधायक के निर्देशों के अनुसार विभागों में जांच की जाएगी और अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई होगी। वहीं उत्तर बैरकपुर नगरपालिका के चेयरमैन मलय घोष ने बताया कि डंपिंग ग्राउंड नहीं होने की वजह से कचरा समस्या बढ़ रही है, जिसे लेकर विधायक को जानकारी दी गई है।
इसके अलावा अर्जुन सिंह ने मोहनपुर और शिउली ग्राम पंचायत कार्यालयों में भी पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक की। स्थानीय पंचायत प्रधान निर्मल कर पर उन्होंने ओबीसी प्रमाणपत्र को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। साथ ही मोहनपुर में जल निकासी, मिट्टी कटाई और अवैध निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए।