मुंबईः शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई नई बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी समर्थकों पर तंज कसा। मुंबई में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि ईंधन के दाम बढ़ना कोई नई बात नहीं है और यह पहले से तय माना जा रहा था।
राउत ने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा कि यदि कोई बीजेपी का समर्थक है तो उसे सिर्फ “जय श्री राम” का नारा लगाना चाहिए क्योंकि बीजेपी का यही मंत्र है। उनके अनुसार ऐसा करने से लोगों की हर समस्या दूर हो जाएगी और पेट्रोल-डीजल के दाम भी 10 रुपये कम हो जाएंगे।
राज्यसभा सांसद ने उन मतदाताओं पर भी निशाना साधा जिन्होंने बीजेपी को सत्ता तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने बीजेपी को वोट दिया है, उन्हें अब आराम से बैठकर बढ़ती महंगाई और आर्थिक बोझ का सामना करना चाहिए।
संजय राउत की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब देश के कई बड़े शहरों में जरूरी वस्तुओं और ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, जिससे राजनीतिक और आर्थिक बहस तेज हो गई है।
देशभर में मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के दामों में औसतन 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई, यानी 87 पैसे की वृद्धि हुई। वहीं डीजल की कीमत 90.67 रुपये से बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई, जो 91 पैसे की बढ़ोतरी है।
एक सप्ताह से भी कम समय में ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई को केंद्र सरकार ने पूरे देश में पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। खासकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री व्यापार मार्ग में अवरोध पैदा होने से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है।
अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के बाद ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। इस वर्ष 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद ब्रेंट ऑयल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच दीर्घकालिक युद्धविराम को लेकर बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। युद्ध का दायरा बढ़ने से पश्चिम एशिया के कई देश प्रभावित हुए हैं, जो दुनिया को ईंधन की बड़ी आपूर्ति करते हैं। इसके बावजूद भारत सरकार का कहना है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और ऊर्जा भंडार पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।