उत्तर 24 परगनाः भारत–बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में उत्तर 24 परगना जिला प्रशासन ने जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज कर दी है। कंटीले तार लगाने के लिए जमीन चिन्हित करने और उसे बीएसएफ को सौंपने का काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।
सोमवार को इस मुद्दे पर समन्वय बैठक हुई, जिसमें बनगांव की पुलिस अधीक्षक बिदिशा कलिता दासगुप्ता ने बागदा और पेट्रापोल थानों में पुलिस और बीएसएफ अधिकारियों के साथ चर्चा की। बैठक में सीमा पर कंटीले तार लगाने, जमीन अधिग्रहण और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विस्तार से विचार किया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, राज्य सरकार के निर्देश के बाद 45 दिनों के भीतर जमीन बीएसएफ को सौंपने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि तीन दिन के अंतराल पर पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त बैठकें भी हो रही हैं, ताकि काम में तेजी लाई जा सके।
शिल्पा गौरी सरिया ने बताया कि जिले में सीमा पर कंटीले तार लगाने के लिए लगभग 353 एकड़ जमीन की जरूरत है, जिसमें से करीब 180 एकड़ पहले ही बीएसएफ को हस्तांतरित की जा चुकी है। बाकी जमीन को जल्द सौंपने की प्रक्रिया जारी है।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, उत्तर 24 परगना में भारत–बांग्लादेश सीमा लगभग 315 किलोमीटर लंबी है, जिसमें 150 किलोमीटर स्थलीय और 165 किलोमीटर जल क्षेत्र शामिल है। बागदा, गाइघाटा, बनगाँ और बसिरहाट इलाकों में कई हिस्सों में अब तक कंटीले तार नहीं लगाए जा सके हैं।
गाइघाटा के आंगराइल क्षेत्र में लगभग 21 किलोमीटर सीमा अब भी बिना कंटीले तार के है, जहां करीब 100 एकड़ जमीन की जरूरत है। बनगाँ ब्लॉक में 24 एकड़ और बागदा में 99 एकड़ जमीन की आवश्यकता बताई गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना बाड़ के इन इलाकों से अवैध घुसपैठ और तस्करी की घटनाएं होती हैं। सोना, मवेशी, दवाइयां, हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं।
इसी बीच, सुकुमार हलदर जैसे स्थानीय लोग इस पहल का समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि कंटीले तार लगने से सुरक्षा बढ़ेगी और सीमा क्षेत्र में शांति स्थापित होगी।