गाजियाबाद : भारत के पूर्व क्रिकेटर और पूर्व मुख्य चयनकर्ता किरण मोरे ने राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को देखकर उन्हें उस दौर की याद आ गई, जब उन्होंने पहली बार युवा सचिन तेंदुलकर को बल्लेबाजी करते देखा था। किरण मोरे का मानना है कि अंडर-19 विश्व कप विजेता वैभव भविष्य में देश का नाम रोशन करेंगे।
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी है। भारतीय प्रमुख लीग के इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी के रूप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। वह बड़े-बड़े गेंदबाजों को पहली ही गेंद या पहले ही ओवर में लंबे छक्के लगाकर दबाव में डाल देते हैं।
15 वर्षीय इस बल्लेबाज ने अंडर-19 एकदिवसीय क्रिकेट, भारतीय प्रमुख लीग, टी-20 और लिस्ट-ए क्रिकेट में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी, खेल को समझने की क्षमता और दबाव में शांत रहने का स्वभाव उन्हें एक असाधारण प्रतिभा बनाता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि सचिन तेंदुलकर के बाद देश को इतनी कम उम्र में इतनी बड़ी प्रतिभा देखने को नहीं मिली। सचिन ने वर्ष 1989 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और उस समय वह भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बने थे।
किरण मोरे ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि जब मैंने पहली बार सचिन तेंदुलकर को भारतीय टीम में खेलते देखा था और उन्होंने दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी की थी, तभी समझ गया था कि वह खास खिलाड़ी हैं। वैभव सूर्यवंशी भी बिल्कुल वैसे ही खास हैं। यह देश के लिए बहुत अच्छी बात है कि हमारे पास ऐसा खिलाड़ी है। वह आगे चलकर देश को बहुत गौरव दिलाएंगे। उन्हें उसी अंदाज में खेलने देना चाहिए जैसे वह खेलते हैं। ऐसा लगता है मानो भगवान ने उन्हें इसी खेल के लिए तैयार किया है।
किरण मोरे यह बातें गाजियाबाद में आयोजित बियॉन्ड रीच प्रीमियर लीग के ट्रायल के दौरान कह रहे थे।
इस सत्र में वैभव सूर्यवंशी राजस्थान रॉयल्स के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं और पूरे प्रतियोगिता में तीसरे सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने हुए हैं। उन्होंने 13 पारियों में 44.53 की औसत और 236.32 की विस्फोटक स्ट्राइक रेट से 579 रन बनाए हैं। उनके बल्ले से एक शतक और तीन अर्धशतक निकले हैं। उन्होंने इस सत्र में 53 छक्के लगाए हैं जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा भारतीय प्रमुख लीग के एक सत्र में लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं।
टी-20 प्रारूप में भी वैभव सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 31 मुकाबलों और पारियों में 42.66 की औसत तथा 217.68 की स्ट्राइक रेट से 1,280 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने चार शतक और चार अर्धशतक लगाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 144 रन रहा है।
लिस्ट-ए क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। उन्होंने आठ पारियों में 44.12 की औसत और 164.95 की स्ट्राइक रेट से 353 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और एक अर्धशतक निकला है। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 190 रन रहा।
इस वर्ष आयोजित अंडर-19 विश्व कप में वैभव सूर्यवंशी दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने सात मुकाबलों में 62.71 की औसत और 169.49 की स्ट्राइक रेट से 439 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने एक शतक और तीन अर्धशतक लगाए तथा उनका सर्वोच्च स्कोर 175 रन रहा।
उन्होंने इस प्रतियोगिता में रिकॉर्ड 30 छक्के लगाए। इससे पहले वर्ष 2022 के अंडर-19 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस ने 18 छक्के लगाए थे। वैभव ने इस रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया। अब अंडर-19 विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज हो गया है।
अंडर-19 एकदिवसीय क्रिकेट में भी वैभव सूर्यवंशी भारत के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। उन्होंने 25 पारियों में 56.48 की औसत और 165 से अधिक की स्ट्राइक रेट के साथ 1,412 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने चार शतक और सात अर्धशतक लगाए हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 175 रन रहा।
हालांकि लाल गेंद वाले क्रिकेट में उनका प्रदर्शन अभी उतना प्रभावशाली नहीं रहा है। उन्होंने आठ मुकाबलों की 12 पारियों में 17.25 की औसत से केवल 207 रन बनाए हैं। इस प्रारूप में उनके नाम सिर्फ एक अर्धशतक दर्ज है।