मुंबई : भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से लगातार यह चर्चा चल रही है कि क्या वह एक बार फिर लाल गेंद के क्रिकेट में वापसी कर सकते हैं। अब उनके बचपन के कोच राजकुमार शर्मा के बयान के बाद इस चर्चा ने और जोर पकड़ लिया है। हालांकि फिलहाल विराट कोहली की ओर से किसी तरह का आधिकारिक संकेत नहीं मिला है।
टेस्ट क्रिकेट में वापसी की मांग तेज
टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी विराट कोहली शानदार फॉर्म में दिखाई दे रहे हैं। इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए वह आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे हैं। मौजूदा सत्र में वह 500 से अधिक रन बना चुके हैं और उनकी टीम अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंच चुकी है।
इसी बीच प्रशंसकों के बीच यह चर्चा तेजी से बढ़ी है कि क्या विराट कोहली दोबारा भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा बन सकते हैं। कई समर्थकों ने उनके बचपन के कोच राजकुमार शर्मा से भी आग्रह किया है कि वह विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट में वापसी के लिए मनाएं।
राजकुमार शर्मा ने कहा कि विराट कोहली के कई प्रशंसकों ने मुझसे कहा कि सर कृपया उन्हें टेस्ट क्रिकेट में लौटने के लिए कहिए क्योंकि वह आपकी बात सुनते हैं।
अंतिम फैसला विराट कोहली के हाथ में
एक पॉडकास्ट के दौरान राजकुमार शर्मा ने खुलासा किया कि इस विषय पर उनकी विराट कोहली से बातचीत हो चुकी है। हालांकि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और भविष्य को लेकर निर्णय पूरी तरह विराट कोहली पर निर्भर करेगा।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने सचमुच विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट में लौटने के लिए मनाने की कोशिश की है तो उन्होंने जवाब दिया कि बात हुई है अब देखते हैं आगे क्या होता है।
टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली की विरासत
विराट कोहली भारतीय टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाते हैं। उन्होंने 123 टेस्ट मैचों में कुल 9230 रन बनाए हैं। कप्तान के रूप में उन्होंने 68 टेस्ट मैचों में भारत को 40 जीत दिलाई।
उनकी कप्तानी में भारतीय टीम वर्ष 2016 से 2021 तक लंबे समय तक आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर बनी रही। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पहली बार टेस्ट श्रृंखला जीतना और आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना उनकी कप्तानी की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
विराट कोहली का कप्तानी में जीत प्रतिशत 58.82 रहा, जो उन्हें भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तानों में शामिल करता है। टेस्ट क्रिकेट में उनके योगदान को भारतीय क्रिकेट इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।