फलताः फलता विधानसभा क्षेत्र में हुए पुनर्मतदान के दौरान राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म रहा। बीजेपी उम्मीदवार देवांशु पंडा सुबह से ही अलग-अलग बूथों और इलाकों का दौरा करते रहे। मतदान को लेकर उनके चेहरे पर आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। उन्होंने दावा किया कि इस बार क्षेत्र के लोग बिना किसी डर और दबाव के मतदान कर रहे हैं और बीजेपी यहां बड़ी जीत दर्ज करेगी।
29 मई को हुए मतदान के दौरान कई बूथों पर धांधली और वोटिंग में बाधा डालने के आरोप लगे थे। विपक्षी दलों ने शिकायत की थी कि कई इलाकों में मतदाता स्वतंत्र रूप से वोट नहीं डाल पाए। लगातार विवाद बढ़ने के बाद चुनाव आयोग ने पूरे विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया। गुरुवार को हुए दोबारा मतदान में अधिकांश जगहों पर शांतिपूर्ण माहौल देखने को मिला।
‘फलता के लोगों को आजादी मिली’
देवांशु पंडा ने मतदान के दौरान कहा कि इस बार फलता के लोगों ने पहली बार आजाद माहौल में वोट डाला है। उनके मुताबिक, पहले कई इलाकों में लोग डर के कारण मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाते थे, लेकिन इस बार स्थिति बदली हुई दिखी।
उन्होंने कहा, “घर की महिलाएं और आम लोग खुलकर मतदान कर रहे हैं। लोगों में डर नहीं, बल्कि उत्साह दिखाई दे रहा है। फलता के लोगों ने पहली बार महसूस किया कि स्वतंत्र तरीके से मतदान कैसे होता है।”
बीजेपी उम्मीदवार ने दावा किया कि जनता बदलाव चाहती है और इसका असर नतीजों में साफ नजर आएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी यहां डेढ़ लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत हासिल करेगी।
जहांगीर खान के चुनाव छोड़ने पर साधा निशाना
फलता सीट पर चुनाव के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार जहांगीर खान के चुनावी मैदान से हटने को लेकर हुई। मतदान से करीब 48 घंटे पहले जहांगीर खान ने खुद को चुनावी मुकाबले से अलग कर लिया था। हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इसे उनका व्यक्तिगत फैसला बताया।
देवांशु पंडा ने इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष को अपनी हार का अंदाजा पहले ही हो गया था। उन्होंने दावा किया कि अगर जहांगीर खान चुनाव मैदान में रहते तब भी उन्हें बहुत कम वोट मिलते।
उन्होंने कहा, “लोग अब जवाब देने के लिए तैयार हैं। इतने सालों तक यहां लोगों को खुलकर मतदान नहीं करने दिया गया। इस बार जनता ने खुद आगे आकर वोट डाला है।”
देवांशु ने तृणमूल उम्मीदवार के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने फलता की शांति और विकास के लिए चुनाव से हटने की बात कही थी। बीजेपी उम्मीदवार ने कहा कि इससे साफ है कि तृणमूल कांग्रेस खुद मान रही है कि इलाके में न शांति थी और न ही विकास हुआ।
विकास और उद्योग को बनाया चुनावी मुद्दा
देवांशु पंडा ने चुनाव प्रचार के दौरान फलता के विकास और औद्योगिक स्थिति को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि कभी फलता विशेष आर्थिक क्षेत्र यानी स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन के लिए जाना जाता था। यहां उद्योग और रोजगार की अच्छी संभावनाएं थीं, लेकिन धीरे-धीरे कई कंपनियां यहां से चली गईं।
उनका आरोप है कि गलत नीतियों के कारण इलाके का औद्योगिक विकास रुक गया। बीजेपी अब फलता को फिर से औद्योगिक पहचान दिलाने की बात कर रही है।
देवांशु ने कहा कि सड़क, पेयजल, नदी तटबंध, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इलाके के विकास के लिए बड़े स्तर पर काम किया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी ने भी किया है बड़ा वादा
इस चुनाव क्षेत्र में प्रचार करने आए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पेशल पैकेज का भरोसा दिया है। सड़कों, पीने के पानी, नदी के तटबंधों को बेहतर बनाने के साथ-साथ इलाके के पूरे विकास के लिए काम करना होगा। BJP उम्मीदवार बस जीत का इंतजार करते हुए समय गिन रहे हैं।
अब पुनर्मतदान के बाद पूरे इलाके की नजर मतगणना पर टिकी हुई है। बीजेपी जहां भारी जीत का दावा कर रही है, वहीं राजनीतिक हलकों में भी फलता के नतीजों को काफी अहम माना जा रहा है।