हारोआः उत्तर 24 परगना जिले के हारोआ ब्लॉक के सदरपुर इलाके में आंगनबाड़ी केंद्र को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि जिस आंगनबाड़ी केंद्र की हालत लंबे समय से खराब थी, उसके पास ही सरकारी जमीन पर तृणमूल कांग्रेस का पार्टी कार्यालय बनाया गया था। अब उसी पार्टी कार्यालय को आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में उपयोग में लाने को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि सदरपुर का 150 नंबर आंगनबाड़ी केंद्र 2020 में आए अम्फान तूफान के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद उसके मरम्मत के लिए सरकारी राशि भी स्वीकृत की गई थी, लेकिन आरोप है कि उस पैसे से कोई ठोस काम नहीं हो सका। इसी वजह से बच्चों को काफी मुश्किलों के बीच उसी जगह पढ़ाई करनी पड़ रही थी, जहां न तो ठीक से पंखे की व्यवस्था थी और न ही रोशनी की पर्याप्त सुविधा।
इसी बीच भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा है कि पास की सरकारी जमीन पर तृणमूल कांग्रेस के कुछ नेताओं ने पार्टी कार्यालय बना लिया था। भाजपा का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र की खराब स्थिति और जगह की कमी को देखते हुए स्थानीय लोगों की सहमति से उसी भवन को आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में इस्तेमाल करने का फैसला लिया गया।
भाजपा के बसीरहाट संगठनात्मक जिले के उपाध्यक्ष बिमल दास ने कहा कि यह निर्णय लोगों की सहमति से लिया गया है ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और उन्हें बेहतर माहौल मिल सके।
इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। हालांकि इस पूरे मामले पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।