भोपाल : ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में कानूनी लड़ाई लगातार जटिल होती जा रही है। भोपाल की एक स्थानीय अदालत ने बुधवार को ट्विशा के शव का दूसरी बार पोस्टमॉर्टम कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। इस फैसले को परिवार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव 12 मई की सुबह उनके ससुराल से संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद किया गया था। इसके बाद 13 मई से उनका शव AIIMS Bhopal के मॉर्ग में सुरक्षित रखा गया है।
हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि परिवार की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए फिलहाल शव को मध्य प्रदेश में किसी भी उपयुक्त स्थान पर सुरक्षित रखा जा सकता है।
बुधवार सुबह भोपाल पुलिस ने ट्विशा के परिवार को एक पत्र भेजकर उनकी बेटी का शव स्वीकार करने का अनुरोध किया। पुलिस का कहना है कि लंबे समय तक मॉर्ग में रखे जाने के कारण शव में सड़न शुरू होने की आशंका बढ़ रही है।
लेकिन ट्विशा के परिवार ने साफ कर दिया कि जब तक दूसरी बार पोस्टमॉर्टम कराने का आदेश नहीं दिया जाता, तब तक वे शव नहीं लेंगे।
ट्विशा का पहला पोस्टमॉर्टम भोपाल एम्स में ही किया गया था। हालांकि परिवार का आरोप है कि पहली पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कई विसंगतियां हैं। परिवार का कहना है कि ट्विशा के ससुराल पक्ष के लोग अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी वजह से परिवार ने मांग की थी कि दूसरी बार पोस्टमॉर्टम दिल्ली स्थित AIIMS में कराया जाए।
इसी मामले को लेकर बुधवार को ट्विशा का परिवार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी मिला। बताया गया कि यदि अदालत दूसरी पोस्टमॉर्टम की अनुमति देती है, तो राज्य सरकार शव को दिल्ली ले जाने की व्यवस्था करेगी।
अब नजर इस बात पर टिकी है कि क्या ट्विशा का परिवार निचली अदालत के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देगा या नहीं।